तुम हो तो बसंत है-मनु कुमारी

तुम हो तो बसंत है, वरना मौसम रूठ जाते हैं, तुम्हारी हँसी से पतझर भी गीत गुनगुनाते हैं। तुम्हारा साथ मिले तो राहें मुस्कुराती हैं, अधूरी-सी ज़िंदगी भी पूरी हो…

मन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारी

एक साधारण गृह से उठी, चेतना की दिव्य ज्वाला। रविदास ने कर्म से तोड़ा, रूढ़ि-बंधन का हर ताला। न मंदिर की सीढ़ी ऊँची, न तीर्थों का आडंबर भारी, मन की…

अश्रु आंखों में लिए-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

आज जाने की घड़ी पर,रो रहा है आसमां। जो अभी परिवार ही हैं,कल रहेंगे पास ना।। राम आए कृष्ण आए,छोड़कर सब चल दिए। देश दुनिया नभ दुखी हैं,अश्रु ऑंखों में…

कहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनम

प्रभंजन आज चंचल है, विदाई सर्द की करते। अभी तो शुष्क धीरे से, तुषारापात को हरते। वसंती वात चलने से, प्रकृति के द्वार खुल जाते। भ्रमर जब गुनगुनाते हैं, हजारों…

बाल शोषण-राम किशोर पाठक

अम्मा कहती प्यारी हूँ मैं। छवि तेरी ही धारी हूँ मैं।। फिर शाला क्यों मुझे न भेजी। रखती घर में मुझे सहेजी।। मुन्ना को मैं देखा करती। पाँवों की पीड़ा…

अपना लक्ष्य-राम किशोर पाठक

लक्ष्य सुनिश्चित रखकर हर-पल, तुम बढ़ते रहना। तय है होना सफल तुम्हारा, रख हिम्मत गहना। बस कदम बढ़ाकर चलना है, कभी नहीं रुकना। आएगी बाधाएँ पर तुम, नहीं कभी झुकना।।…

आमंत्रण पुष्प ब्यूटी कुमारी

आमंत्रण पुष्प बच्चे हैं उपवन के फूल जिससे सजाते हैं स्कूल। करें हम और आप मिलकर बच्चों का समग्र विकास । अभिभावक से सादर विनती स्कूल को दें समय कीमती…

तीसवां दिन जनवरी के रामपाल प्रसाद सिंह

गीतिका छंद तीसवाॅं दिन जनवरी को,जो हुआ अच्छा नहीं। मार गोली संत हिय को,क्या किया अच्छा कहीं?!! हिल गयी बुनियाद निष्ठा,सब लगे चित्कारने। गोडसे जो भी किये थे,सब लगे धिक्कारने।।…