विषय – अन्तर्राष्ट्रीय अग्निशामक दिवस आज है चार मई का दिन आज का दिन है बड़ा महान, आज हीं पाँच[...]
पत्रकार पत्रकार पत्रकार पत्रकार- नीतू रानीपत्रकार पत्रकार पत्रकार पत्रकार- नीतू रानी
विषय -हिन्दी पत्रकारिता दिवस। सुबह सबेरे दरवाजे पर आता है अखबार, इस अखबार में संवाद देने वाले का नाम पत्रकार[...]
मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
प्रातः हम जग जाएँ, शीतल समीर पाएँ, प्राची की लालिमा देख, कदम बढ़ाइए। हरे-भरे तरु प्यारे, लगते सलोने न्यारे, इनके[...]
मैं पत्रकार हूं – मनु कुमारीमैं पत्रकार हूं – मनु कुमारी
मैं पत्रकार हूं ! मैं जनतंत्र की आवाज, लोकतंत्र का साज हूं, मैं पत्रकार हूं। कलम हमारी ताकत है,कलम हमारी[...]
मजदूर दिवस – डॉ मनीष कुमार शशिमजदूर दिवस – डॉ मनीष कुमार शशि
मैं हूं एक मजदूर , समस्याएं भरपूर , लड़ता हूं रोज पर , हार नहीं मानता। खुद रहे फटेहाल, रखें[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
श्रमिक दिवस पर हम सभी, करें श्रमिक-सम्मान। श्रम की निष्ठा में निहित, नवल शक्ति पहचान।। श्रम को जीवन धारिए, करिए[...]
विधा: कुंडलिया – देव कांत मिश्र ‘दिव्यविधा: कुंडलिया – देव कांत मिश्र ‘दिव्य
आओ मिलकर हम सभी, करें श्रमिक सम्मान। श्रम की निष्ठा में निहित, नवल शक्ति पहचान।। नवल शक्ति पहचान, दिव्य आँखों[...]
बचपन- Ayushiबचपन- Ayushi
मुझे समझ नहीं आती सबकी बातें बस अपनी मर्ज़ी का करता हूं लाख मुझे कोई क्यूं ना समझाए मगर ज़िद[...]
बेचारा मजदूर- नीतू रानीबेचारा मजदूर- नीतू रानी
बेचारा मजदूर दिनभर करता मजदूरी परिवार से रहता दूर, बेचारा मजदूर। कभी खेत में काम है करता कभी सड़कों पर[...]
बचपन की शरारतें – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बचपन की शरारतें – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
जब कोई फल भाता, दूर से नज़र आता, छिप कर बागानों से, टिकोले को तोड़ता। गाँव की हीं महिलाएँ, कुएँ[...]
