देखो, सातवाँ स्थापना दिवस है आया, टीचर्स ऑफ बिहार परिवार में खुशियों का उजास छाया। सात वर्षों का यह सफर[...]
अतुल है राष्ट्र की महिमा-एस.के.पूनमअतुल है राष्ट्र की महिमा-एस.के.पूनम
जहाँ परिवेश है सुंदर, वही महिमा बढ़ाते हैं। पुराणों और वेदों से विद्या की लौ जलाते हैं। हमारा देश है[...]
बसंत पंचमीबसंत पंचमी
धनाक्षरी छंद में बसंत पंचमी पर्व,खुशी-खुशी मनाते हैं,सभी भक्त माॅं शारदे का आशीष पाते हैं। हर वर्ष यह पर्व,माघ पंचमी[...]
आत्मविश्वास से भरे डगर में -अमरनाथ त्रिवेदीआत्मविश्वास से भरे डगर में -अमरनाथ त्रिवेदी
आत्मविश्वास से भरे डगर में , न मन, प्राण , वचन से पीछे जाना । हम सबके दिल के स्नेह हो प्यारे , भविष्य में अपनी पहचान बनाना । मन[...]
टीचर्स ऑफ बिहार : नवचेतना का उद्घोष-मनु कुमारीटीचर्स ऑफ बिहार : नवचेतना का उद्घोष-मनु कुमारी
जब शिक्षा को मिला नव संबल, जब शिक्षक को पहचान मिली, बीस जनवरी का वह पावन दिन, नव इतिहास की[...]
टीचर्स ऑफ बिहार हमारा-एम० एस० हुसैन कैमूरी टीचर्स ऑफ बिहार हमारा-एम० एस० हुसैन कैमूरी
आज है , टीओबी का स्थापना दिवस आईए हम सब मिलकर इसको मनाएं इसी से होती है हमारी रचनाएं प्रकाशित [...]
ऋतुराज बसंत- रत्ना प्रियाऋतुराज बसंत- रत्ना प्रिया
प्रकृति यौवन का रूप धार, करती नित्य-नूतन श्रृंगार, सौंदर्य शिखाओं में अनंत, चहुँ ओर खिला यह दिग-दिगंत, कण-कण में उल्लास[...]
हे भारत -गिरीन्द्र मोहन झाहे भारत -गिरीन्द्र मोहन झा
हे भारत ! रामायण की मर्यादा, नीति, कर्त्तव्यपरायणता तुममें, है तुझमें वेद, उपनिषद, भगवद गीता का असीम ज्ञान, विदुरनीति, नीतिशतक,[...]
माता वाणी से विनय- रामकिशोर पाठकमाता वाणी से विनय- रामकिशोर पाठक
माता वाणी से विनय- विधाता छंद गीत पुकारूँ मैं तुम्हें माता, जरा मुझपर तरस खाओ। हरो अज्ञानता मेरी, सहज कुछ[...]
प्रकट हो माता भवानी रामपाल प्रसाद सिंहप्रकट हो माता भवानी रामपाल प्रसाद सिंह
कुंडलिया प्रकट हो मात भवानी। (दुर्गा/पार्वती) मात भवानी प्रेरणा,शक्ति पुंज आधार। धरा अकारण मानती,तेरा ही उपकार।। तेरा ही उपकार,सघन हरियाली[...]
