चरण वंदना कुर्म: – राम किशोर पाठक

चरण वंदना कुर्म: मातृ रूपम् दृशद सर्व: मे चरण वंदना कुर्म: जगत जननी गृहे अद्य निराकारा प्रकट अद्य शरद काले शुभद सर्व: मे चरण वंदना कुर्म:। प्रकृति: रमणीयं अत्र दृश्यं…

जय मां कूष्मांडा -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

जय माँ कुष्मांडा🙏🌹 पुष्पों सी है मुस्कान तेरी, माँ ईषत हास्य से जग जननी। ब्रम्हाण्ड के उद्भव शान तेरी, तू तप जप धात्री तू जननी। पुष्पों सी है मुस्कान तेरी,…

मां चंद्रघंटा -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

माँ चंद्रघंटा 🌹🙏 अनंत ज्योति जगमग दृग अंगा, स्वर्ण बदन सुवर्ण सुनंदा। शोभे अर्धचन्द्र अतिरंगा, सुयश सुवासित मातु आनंदा। दश भुजा अस्त्र शस्त्र बहुरंगा, वाहन सिंह व शक्ति अनंता। न्याय…

भक्ति कैसे करें

कविता का शीर्षक:- ” मौन है” आज दुखी सब कौन है? जिसके जीवन में योग संविधान स्वर्वेद मौन है? साधना सेवा सत्संग आज सभी में मौन है? तभी तो ज्ञान…

बदल देगी वक्त- रूपमाला/मदन छंद- राम किशोर पाठक

सर्व मंगल कामना ले, आज सारे भक्त। आ गयी जब मात घर में, बदल देगी वक्त।। शरद का नवरात्र आया, हर्ष छाया गेह। बाटती है आज माता, हर किसी को…

वंदनवार -रामपाल प्रसाद सिंह

वंदनवार सजे शारदा प्रदीप छंद चंद्रघंटा प्रथम शैलजा स्वागत सर्वत:,ब्रह्मचारिणी नाम का। रूप तृतीया सौरभ छाया,दिव्य लोक सुरधाम का।। शक्तिपुंज की माला क्रमशः, लंबी होती जा रही। चारु चंद्रघंटा चपला…

छंद -रामपाल प्रसाद

शीतलता के बीच बहाती,रहती तू रस-धार है! नीले-नीले नभ-मंदिर से,हे माते!हो जा प्रकट, उत्कट प्रत्याशा में ॲंखियाॅं,राह तकी है एकटक। देर हुई माॅं ब्रह्मचारिणी!,क्षमा करो नादान को, जो भी संभव…