गृह प्रवेश- विजया छंद
शुभ वरदाई मंगल गणेश जी।
करने आए शुभ गृह प्रवेश जी।।
सारे परिजन का शुभ विचार दें।
प्रेमिल मति मन सबका उदार दें।।
लेकर मातु उमा सह महेश जी।
आओ मंगल कारी गणेश जी।।०१।।
गेह जगत में सुंदर मिसाल हो।
पाकर स्वागत आगत निहाल हो।।
कृपा सदा बरसाए धनेश जी।
आओ मंगल कारी गणेश जी।।०२।।
मातु रमा भी करती निवास हो।
नेह सभी में होती विकास हो।।
गर्वित जिसपर अपना प्रदेश जी।
आओ मंगल कारी गणेश जी।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क – ९८३५२३२९७९

