लिपट-लिपट मैं जिसके रहती। शीत लहर को हँसकर सहती।। संग मुझे लगता सुखदाई। क्या सखि? साजन! न सखि! रजाई।।०१।। रंग विरंगा रूप सलोना। भूलूँ संग शीत का रोना।। संग में…
खुद ही राह बनाओ – अमरनाथ त्रिवेदी
जमाना सुनता सबकी बातें , सोच समझ करता निज मन की । बनेगी पहचान तो तभी उसे ही , निकलेगी बात ज़ब उसके दिल की । कदम – कदम पर मिलती नसीहत मिलते साथ देनेवाले मुश्किल से । इतनी भलमनसाहत – उतनी शराफत , न रहता सभी के सच्चे दिल से ।…
हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक
आज हुआ है तमस घनेरा, दीप जलाइए। फैलाकर उजियारा जग का, मित्र कहाइए।। स्वार्थ भावना को तजने से, खोते कुछ नहीं। करना क्योंकर तेरा मेरा, हिल-मिल जाइए।। दुनिया की दस्तूर…
आजमाने के लिए-राम किशोर पाठक
वक्त लोगों को बहुत है आजमाने के लिए। दाव सारे जानते हैं जो गिराने के लिए।। वक्त ने ऐसा सितम भी आज ढाया है यहाँ। दूर अपने हो गए दौलत…
प्रेम पुजारी -जैनेंद्र प्रसाद रवि
प्रभाती पुष्प प्रेम पुजारी सभी भक्त प्रेमियों की- करुण पुकार सुन, दुख देख द्रवित हो, जाता है ये कन्हैया। यमुना किनारे रोज- कदम की डाल पर, वसन चुराता कभी, बांसुरी…
समृद्ध भारत -रामकिशोर पाठक
समृद्ध भारत – दोहा छंद गीत है समृद्ध भारत सदा, बौद्धिकता में खास। हमें गर्व होता रहा, है पावन इतिहास।। सत्य सनातन संत से, संशय सदा सुधार। हरपल जग को…
ईश्वर से जुड़े तार -एस. के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 रूपघनाक्षरी छंद। (ईश्वर से जुड़े तार) उत्कीर्णन पीत वर्ण, रश्मियों का शृंगार है, दिशा प्राची रवि खड़े,करते हैं इंतजार। वहाँ धुआँ उठ रहा, जल रहा अलाव है,…
जाड़े की धूप.. मो आसिफ़ इक़बाल
दुनिया के सारे इंसान बच्चे बूढ़े और जवान देखो कितनी ठंड पड़ी ठिठुर ठिठुर सब हैं परेशान।। अब तो एक ही आस है थोड़े जलावन जो पास है जला के…
राज को न खोलिए..रामकिशोर पाठक
राज को न खोलिए २१२-१२१-२ राज को न खोलिए।और से न बोलिए।। प्रीति नैन में बसी।आप खास हो लिए।। शब्द-शब्द खास है।जो मिठास घोलिए।। पत्र प्रेम में लिखा।प्रेम को न…
आपस में प्यार हो.. जैनेंद्र प्रसाद रवि
*आपस में प्यार हो*(मनहरण घनाक्षरी छंद)**********************कोई कहे लाख बुरा- करता बुराई नहीं, *अवगुण गुण बन-जाए सद्विचार हो*। यदि हो अभिन्न मित्र, दिल में बसा हो चित्र, *नहीं फर्क पड़ता है,…