पद्यपंकज बाल कविता प्रकृति प्रहरी- सत्य नारायण सिंह

प्रकृति प्रहरी- सत्य नारायण सिंह


सत्यनारायण सिंह

मिट्टी से भी यारी रख,
दिल से दिलदारी रख

चोट न पहुंचे बातों से,
इतनी समझदारी रख

पहचान हो तेरी हटकर,
भीड़ मे भी कलाकारी रख

पल भर ये जोश जवानी का,
बुढ़ापे कि भी तैयारी रख..!

धरती कि गोद क़ो,
हरदम हरियाली रख

प्राण वायु देते है हर पादप
वन उपवन प्रीत प्यारी रख

नदिया निर्मल आहर पोखर
हर प्राणी जीवों से यारी रख

प्रकृति के गोद मे पठार पर्वत
दृढ़ एकता चटानी रख

प्रकृति प्रहरी है हम सब
प्रियतमप्रीत यही अभिलाषा

हे.मानव तू सबसे यारी रख
दिल से दिलदारी रख
मिट्टी से भी यारी रख

सत्य नारायण सिंह ( शिक्षक )
मध्य विद्यालय नदाँव, बक्सर

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