पद्यपंकज Bhawna,padyapankaj,Teachers Of Bihar,ToB PadhyaPankaj,काव्य लेखन शरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारी

शरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारी


Rinju Singh

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शरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारी

शरद पूर्णिमा की रात वो खीर बनाना,
चाँदनी में छत पर उसे रख आना।
सुबह उठकर उस खीर का स्वाद लेना,
वो बचपन, वो खुशियाँ, वो बेफिक्र ज़माना।
आज यादों में बस वही पल रह गए,
क्या खूब दिन थे वो,

जो बचपन के संग कहीं खो गए!

रिंजु कुमारी
फॉर्बेसगंज अररिया
बिहार

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