शिव भजन-हर्ष नारायण दास

Harsh Narayan Das

मेरेभोले बाबा का प्यारा है नाम। 

कैलाश है उनका धाम।।

मेरे भोले बाबा का सुन्दर है नाम।

मैया गौरी हैं उनके वाम।

जटा में उनके गंगा है विराजे।

संग में मैया गौरा है साजे।।

उसने किया है विषपान।

जिससे पड़ गया नीलकंठ नाम।

मेरे भोले बाबा का सुन्दर है नाम।

मेरे भोले बाबा हैं करुणा के सागर।

नन्दी की सवारी करे,और डमरू की झनकार।

भस्म रमाते हैं तन पर,शमशान है उनका धाम।

मेरे भोले बाबा का प्यारा है नाम।

माथे पे उनके चन्दा विराजे।

कर में है उनके त्रिशूल साजे।

भूत-प्रेत हैं उनके साथी।

खाते हैं भंग और बेलपाती।।

सभी देवगण ,करें उनका गुणगान।

भोले बाबा करें सबका कल्याण।।

मेरे भोले बाबा का प्यारा है नाम।

कैलाश है उनका धाम।।

प्रेषक-हर्ष नारायण दास

फारबिसगंज

जिला-अररिया

बिहार।

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