श्याम नारी वेश में।
पुष्प डाले केश में।।
माथ पर डलिया लिए।
कान की बलिया लिए।।
हार कंगण संग में।
चूड़ियाँ नवरंग में।।
नारियों के देश में ।
श्याम नारी वेश में।।०१।।
प्रेम का उपहार लो।
नेह से स्वीकार लो।।
बेचती हूँ चूड़ियाँ।
देख लो जी खूबियाँ।।
क्यों भला हो क्लेश में।
श्याम नारी वेश में।।०२।।
राधिका निकली तभी।
चूड़ियाँ देखी सभी।।
चाल समझी काम का।
प्रीत अपने श्याम का।।
खो गई प्राणेश में।
श्याम नारी वेश में।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला
बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978
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