इक-इक पल है कीमती जानो स्वयं से तुम संवाद करो। व्यर्थ की बातों में उलझकर न वक्त अपना बर्बाद करो।।[...]
Tag: कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृती
वन गमन – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिवन गमन – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति
वन गमन (तंत्री छंद) जनक दुलारी, हे सुकुमारी, कैसे तुम,वन को जाओगी। पंथ कटीले,अहि जहरीले, कैसे तुम,रैन बिताओगी।। सुन प्रिय[...]
मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
आ जाओ रे मेघ, इतना मत न इतराओ। उजड़ रहा खलिहान,थोड़ा नीर बरसाओ।। हैं बहुत परेशान,तप रही धरा हमारी। कृपा[...]
मेरा गॉंव – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिमेरा गॉंव – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति
आइए मेरे गाँव में, अजी बैठिए छांव में, प्रकृति के नजारे को, समीप से देखिए। समृद्ध खलिहान है, मेहनती किसान[...]
पिता – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”पिता – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
पितृ दिवस पर आज सभी, करते पितृ को याद। पाकर आशीष पितृ से,होते खुश औलाद।। मात-पिता के स्थान का,करता जो[...]
अमरों में नाम लिखा लेना – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिअमरों में नाम लिखा लेना – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति
चलते-चलते गर पग दुख जाय बैठ थोड़ा सुस्ता लेना। मगर धैर्य खोकर कभी तुम पग को पीछे ना हटा लेना।[...]
संघर्षों का आगाज करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”संघर्षों का आगाज करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
व्यर्थ की बातों में उलझकर, मत वक्त अपना बर्बाद करो। इक-इक पल है कीमती जानो, स्वयं से तुम संवाद करो।।[...]
मतदान अवश्य कीजिए – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”मतदान अवश्य कीजिए – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
लोकतंत्र का पावन पर्व, राय अपनी दीजिए। राष्ट्रहित में अवश्य अपना,अंश निश्चित कीजिए। बनिए मत सिर्फ मूक दर्शक, फैसला अब[...]
आदिशक्ति मात भवानी- कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’आदिशक्ति मात भवानी- कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
आदिशक्ति हे मात भवानी , आप हैं मातु जग कल्याणी। हम आए माँ द्वार तुम्हारे, दूर करो माँ कष्ट हमारे।[...]
आओ मतदान करें- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”आओ मतदान करें- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
देश की आजादी को अगर अक्षुण्ण बनाए रखना है। तो सोच-समझ व जाँच-परखकर नेता को हमें चुनना है।। अपनी पिछली[...]
