उठो,जागो और आगे बढ़ो विवेकानंद जी का ये नारा, शून्य की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या कर बनें विश्व की आँखों का तारा।[...]
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नववर्ष-संजय कुमारनववर्ष-संजय कुमार
नववर्ष नूतन संदेश लाये हर वर्षों से ये अच्छा कहलाए, खुशियां ही हो चहुँओर नववर्ष नूतन संदेश लाये। गम न[...]
विज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमारविज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमार
ऐड देख कर खुश मैं होऊँ या आँखें भर भर मैं रोऊँ। खोया जिसके लिए था सब कुछ हुआ वही[...]
जीने दो खुले मन से- संजय कुमारजीने दो खुले मन से- संजय कुमार
उन्हें उड़ने दो , नील गगन में । मादा रखते हैं जो उड़ने की , बांधो न उन्हें न दिखाओ[...]
हमें नहीं अब युद्ध चाहिए- संजय कुमारहमें नहीं अब युद्ध चाहिए- संजय कुमार
हमे नहीं अब युद्ध चाहिए, नहीं हमे अब युद्ध चाहिए, संघर्ष नहीं विराम चाहिए। सत्य अहिंसा विश्व बंधुता करुणा मित्र[...]
अवकाश चाहिए -संजय कुमारअवकाश चाहिए -संजय कुमार
थकान जो उतार दे, मन के अवसाद का मुझे वैसी अवकाश चाहिए। भागम भाग भरे जीवन में यन्त्र बने हम[...]
काश वो बचपन लौट आए -संजय कुमारकाश वो बचपन लौट आए -संजय कुमार
काश,वो बचपन लौट आये, वो बचपन की भोली शरारत। वो बादलों को छूने की चाहत, तितलियों के पीछे भागना सपनों[...]
धारा के विपरीत चलना सीखो- संजय कुमारधारा के विपरीत चलना सीखो- संजय कुमार
चलते हैं सब धारा के संग-संग धारा के विपरीत चलना सीखो। दिवा में जब हम सोते हैं , आँख खुले[...]
भाई-बहन -संजय कुमारभाई-बहन -संजय कुमार
प्यारी बहना सदा खुश रहना ये दुआ है मेरी, खुशियाँ हर पल चूमे कदम तेरी ये दुआ है मेरी। बहना[...]
मेरी दिवाली – संजय कुमारमेरी दिवाली – संजय कुमार
दूर खड़ा मुस्कान लिए वह फुलझड़ियों की दुकानों पे छोटी सी अंजुलि में उसको कुछ सिक्के गिनते देखा था गहरी[...]
