पद्यपंकज बालपन की कविताओं का संकलन कविता -: शीर्षक- “ज्ञानी ककहरा “

कविता -: शीर्षक- “ज्ञानी ककहरा “



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कविता -: शीर्षक – “ज्ञानी ककहरा”

क, से कबूतर हम पढ़ते हैं,
ख,से खरगोश है, उजला – उजला,

ग, से गमला में पौधे लगाना,
घ, से घंटी जोर से बजाना ,
ड‌़ करता आराम,
क, ख, ग, घ बच्चों में भर देता है, “ज्ञान” ।
च, से चरखी गोल- गोल घूमता,
छ,से छतरी आसमान चूमता,
ज, से जंगल जीवों की जान,
झ, से झंडा तिरंगा भारत की कि शान,

च, छ , ज, झ बच्चों में भर देता है “ज्ञान” ।
ट, से टमाटर रेस लगता,
ठ, से ठग का बैंड बजाता,
ड, से डमरू करता नाच,
ढ़, से ढोलक देता आवाज,
ण, करता कुछ कुछ काम,
ट , ठ, ड , ढ बच्चों में भर देता है, “ज्ञान” ।
त, से तरंग पानी में उठता,
थ, से थरमस का पानी ठंडा,
द , से दवात की स्याही सुखी,
ध, से धनुष है शिकार की भूखी,
न, से नल प्यासे की जान,
त, थ, द, ध बच्चों में भर देता है, “ज्ञान”।
प, पतंग आसमान में उड़ती,
फ , से फल गर्मी में सड़ती,
ब , से बकरी खाती घास,
भ, से भालू दिखाएं नाच,
म , से मछली का जल है जान,
प,फ,ब,भ बच्चों में भर देता है, “ज्ञान”।
य, से यज्ञ पंडित करवाता,
र ,से रथ सारथी चलाता,
ल, से लट्टू नाचे ऐसे,
व ,से वर्षा तेजी से बरसे,
श ,से शलजम का सब्जी प्यारे,
ष ,से षट्कोण का छ: किनारे,
स,से सपेरा बीन बजाता,
ह ,से हल किसान चलाता,
क्ष ,से क्षत्रिय रक्षा करता,
त्र , से त्रिशूल लंबा दिखता,
ज्ञ, से ज्ञानी देता ज्ञान,
य,र,ल,व बच्चों में भर देता है, “ज्ञान” ।

लेखक -:
शिक्षक – संतोष कुमार,
प्राथमिक विद्यालय बेदौल गोट ,
प्रखंड – पुपरी ,
जिला- सीतामढ़ी ।

कक्षा एक और दो के बच्चों के लिए  रोचक “बाल कविता” बिहार के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन गाकर पढ़ाने योग्य ।

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Santosh Kumar

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