हरी-भरी धरती की रक्षा, जो दिन-रात करे,
प्रकृति के प्रहरी बनकर, संकट से वह नहीं डरे।
पेड़-पौधे और नदियाँ-पर्वत, जिसकी पावन धरोहर है,
पर्यावरण की साँसों को,रखते ये सदा अमर।
कुल्हाड़ियों के वार सहकर जो जंगलों को बचाते हैं,
जीव-जंतु और हरियाली से, वहीं गहरा नाता निभाते हैं।
आओ मिलकर हाथ बढ़ाएँ, इस प्रकृति को हरा भरा बनाएं
दुर्गेश राय
उत्क्रमित मध्य विद्यालय पैठान पट्टी 2
माझा
गोपालगंज
Durgesh Rai

