हम हैं… आज के शिक्षक
पाठ पढ़ाते नहीं केवल,
हम बच्चों को सीखना सिखाते हैं,
उन्हें प्रश्नों के उत्तर नहीं,
उत्तर तक पहुँचना सिखाते हैं।
बदल चुके इस दौर में
उन्हें रटने की आदत नहीं,
खोजने की आदत लगाते ,
ज्ञान को केवल ग्रहण नहीं,
स्वयं खोजने का साहस हैं देते ।
हां,आज का शिक्षक..
कभी मेंटर बनकर राह दिखाता है,
तो कभी फैसिलिटेटर बनकर
सीखने का अवसर बनाता है।
अब बच्चे का हाथ पकड़कर
हर कदम नहीं चलाते हम,
करके प्रोत्साहित उसे
अपने कदमों पर चलना सिखाते हैं।
जब राह में कठिनाइयाँ आती हैं,
और तोड़ती है हौसला असफलता
“रुको मत, फिर प्रयास करो,
तुम्हारे भीतर बहुत कुछ करने की क्षमता है।” ये कहकर हम सहलाते।
काम हमारा नहीं बस पाठ पूर्ण करना,
काम हमारा है संपूर्ण व्यक्तित्व विकसित करना।
जो बना सके बच्चों को बेहतर इंसान।
ऐसे हैं हम आज के शिक्षक
हां.. हम हैं आज के शिक्षक।
अमृता कुमारी
उच्च माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर, सुपौल
अमृता कुमारी


