Day: September 9, 2025

Ram Kishor Pathak

हिंदी: सुर वाणी की जाया- राम किशोर पाठकहिंदी: सुर वाणी की जाया- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:47 pm

हिंदी, सुर वाणी की जाया- किशोर छंद सुर वाणी की जाया कहिए, हिंदी को। भूल रहे सब क्यों है गहिए,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

दूर तक चलते हुए – शिल्पीदूर तक चलते हुए – शिल्पी

0 Comments 10:37 pm

घर की ओर लौटता आदमी होता नहीं कभी खाली हाथ हथेलियों की लकीरों संग  लौटती हैं अक्सर उसके अभिलाषाएं, उम्मीद,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

हिंदी : हमारी अस्मिता – अविनाश कुमारहिंदी : हमारी अस्मिता – अविनाश कुमार

0 Comments 10:36 pm

हिन्द देश के हिंदी हैं हम, हिंदी से है पहचान हमारी। रक्त बहे या लहू बहे, बस हिंदी है अस्मिता[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

मेरी हिंदी तू मेरे मौन को आवाज़ देती है। – रीतु वाजपेयीमेरी हिंदी तू मेरे मौन को आवाज़ देती है। – रीतु वाजपेयी

0 Comments 10:16 pm

तू मेरी मौन पीड़ा में, मेरी आवाज़ बनती है, पोंछकर अश्रु, सरल शब्दों से दुलार करती है।   तेरे अस्तित्व[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

अँखियाँ भिगोने से- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’अँखियाँ भिगोने से- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:52 am

मनहरण घनाक्षरी छंद कड़ी धूप खिलने से- परेशानी बढ़ जाती, मौसम बदल जाता, बरसात होने से। मजदूर किसानों की- मेहनत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें