वट सावित्री व्रत। कर सोलह शृंगार से,प्रकट स्वर्ग निज द्वार। हे नारी!तू धन्य है,कितना पति से प्यार।। कितना पति से[...]
Day: May 20, 2026
कुंडलियां -रामकिशोर पाठककुंडलियां -रामकिशोर पाठक
कविता- कुंडलिया कविता के प्रति मोह से, वनिता होती रुष्ट। वनिता को जब खुश करें, कविता कहती दुष्ट।। कविता कहती[...]
