प्रणाम सर! — खुश रहो बच्चा, जीवन में तुम आगे बढ़ना। पढ़ाई करो अच्छा-अच्छा, ज्ञान का दीपक सदा जलाना। काम[...]
Day: August 11, 2026
मोह का बंधन – मनु कुमारीमोह का बंधन – मनु कुमारी
बहुत प्रबल होता है सखे ये, मोह का नाज़ुक बंधन। इसमें बंधे चले जाते सब , धनी हो चाहे निर्धन।।[...]
सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना-राम किशोर पाठक सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना-राम किशोर पाठक
विश्व-बोध नित लेकर सपना। सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना।। नाग-तुंग नभ छूकर कहते। देव-भूमि सुर आकर रहते।। दिव्य लोक सम दर्शन[...]
सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा
नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]
बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”
एक-एक रुपया जोड़-जोड़कर गुल्लक अपनी भर लाई, दादी के घर बड़े जतन से मैंने एक गुड्डा बनवाई। नानी के घर[...]
