Day: October 13, 2026

Punam Kumari

स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत: स्वच्छता से ही सुंदरता-पुनम कुमारीस्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत: स्वच्छता से ही सुंदरता-पुनम कुमारी

0 Comments 3:15 pm

स्वच्छता का दीप जलाएँ, भारत को सुंदर बनाएँ। गली-गली और गाँव-गाँव में, स्वच्छता का अलख जगाएँ॥ न गंदगी हम फैलाएँगे,[...]

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Punam Kumari

स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन-पुनम कुमारीस्वस्थ जीवन, सुखी जीवन-पुनम कुमारी

0 Comments 3:08 pm

स्वस्थ तन में स्वस्थ मन का, होता सुंदर वास। स्वास्थ्य रहे तो जीवन में, जगती नई मिठास॥ सुबह-सुबह जब सूरज[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

उलझन सुलझाएं -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरउलझन सुलझाएं -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 1:45 pm

गणित की दो धाराएँ: ल.स. और म.स. गणित नगर के दो हैं भाई, दोनों ने अद्भुत महिमा पाई। एक ढूँढता[...]

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Mritunjay Kumar

पेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ -मृत्युंजय कुमारपेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ -मृत्युंजय कुमार

0 Comments 1:39 pm

आओ, हम सब पेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ। हरियाली फैलाएँगे, पर्यावरण को स्वच्छ बनाएँगे। एक-एक पेड़ लगाना है, धरती[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

अद्भुत कारखाना – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अद्भुत कारखाना – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 1:31 pm

  है उलझन बड़ी विकराल, समझ न पाया इसको कोई, इस छोटे से पेट में देखो, कैसी जादूगरी है सोई।[...]

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माँ! मुझे अपना पुत्र बना लो – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशकमाँ! मुझे अपना पुत्र बना लो – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक

0 Comments 1:24 pm

पढ़ा है मैंने पुस्तकों में, तुम शक्ति की प्रतिमूर्ति हो, दीन-दुखियों की रखवाली, करुणा की तुम मूर्ति हो। नवरात्र की[...]

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Nutan

नवशक्ति-नूतन कुमारी नवशक्ति-नूतन कुमारी 

0 Comments 1:16 pm

हे दुर्गा ! हे चंडिके! हे महामाया! स्त्री रुप है तेरी ही छाया, तेरी नवशक्ति से दुनिया कायम, तूने यह[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

धरती का श्रृंगार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर धरती का श्रृंगार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 1:11 pm

धरती का शृंगार निराला, हरी चुनरिया धानी है, ये पेड़, ये पौधे, ये दूब-घास, कुदरत की अमिट कहानी है। पूछता[...]

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प्रकृति की अनमोल विरासत — उमेश कुमार सिन्हा ‘ ‘निर्देशक ‘प्रकृति की अनमोल विरासत — उमेश कुमार सिन्हा ‘ ‘निर्देशक ‘

0 Comments 12:56 pm

नीले नभ की छत्रछाया में, धरा अनोखी रानी है, पर्वत इसके मुकुट सुहाने, नदियों की कल्याणी है। रंग-बिरंगे फूलों से[...]

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