स्वच्छता का दीप जलाएँ, भारत को सुंदर बनाएँ। गली-गली और गाँव-गाँव में, स्वच्छता का अलख जगाएँ॥ न गंदगी हम फैलाएँगे,[...]
Day: October 13, 2026
स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन-पुनम कुमारीस्वस्थ जीवन, सुखी जीवन-पुनम कुमारी
स्वस्थ तन में स्वस्थ मन का, होता सुंदर वास। स्वास्थ्य रहे तो जीवन में, जगती नई मिठास॥ सुबह-सुबह जब सूरज[...]
उलझन सुलझाएं -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरउलझन सुलझाएं -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
गणित की दो धाराएँ: ल.स. और म.स. गणित नगर के दो हैं भाई, दोनों ने अद्भुत महिमा पाई। एक ढूँढता[...]
पेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ -मृत्युंजय कुमारपेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ -मृत्युंजय कुमार
आओ, हम सब पेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ। हरियाली फैलाएँगे, पर्यावरण को स्वच्छ बनाएँगे। एक-एक पेड़ लगाना है, धरती[...]
अद्भुत कारखाना – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अद्भुत कारखाना – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
है उलझन बड़ी विकराल, समझ न पाया इसको कोई, इस छोटे से पेट में देखो, कैसी जादूगरी है सोई।[...]
माँ! मुझे अपना पुत्र बना लो – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशकमाँ! मुझे अपना पुत्र बना लो – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक
पढ़ा है मैंने पुस्तकों में, तुम शक्ति की प्रतिमूर्ति हो, दीन-दुखियों की रखवाली, करुणा की तुम मूर्ति हो। नवरात्र की[...]
नवशक्ति-नूतन कुमारी नवशक्ति-नूतन कुमारी
हे दुर्गा ! हे चंडिके! हे महामाया! स्त्री रुप है तेरी ही छाया, तेरी नवशक्ति से दुनिया कायम, तूने यह[...]
धरती का श्रृंगार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर धरती का श्रृंगार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
धरती का शृंगार निराला, हरी चुनरिया धानी है, ये पेड़, ये पौधे, ये दूब-घास, कुदरत की अमिट कहानी है। पूछता[...]
प्रकृति की अनमोल विरासत — उमेश कुमार सिन्हा ‘ ‘निर्देशक ‘प्रकृति की अनमोल विरासत — उमेश कुमार सिन्हा ‘ ‘निर्देशक ‘
नीले नभ की छत्रछाया में, धरा अनोखी रानी है, पर्वत इसके मुकुट सुहाने, नदियों की कल्याणी है। रंग-बिरंगे फूलों से[...]
