Day: October 13, 2026

माँ! मुझे अपना पुत्र बना लो – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशकमाँ! मुझे अपना पुत्र बना लो – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक

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पढ़ा है मैंने पुस्तकों में, तुम शक्ति की प्रतिमूर्ति हो, दीन-दुखियों की रखवाली, करुणा की तुम मूर्ति हो। नवरात्र की[...]

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Nutan

नवशक्ति-नूतन कुमारी नवशक्ति-नूतन कुमारी 

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हे दुर्गा ! हे चंडिके! हे महामाया! स्त्री रुप है तेरी ही छाया, तेरी नवशक्ति से दुनिया कायम, तूने यह[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

धरती का श्रृंगार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर धरती का श्रृंगार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

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धरती का शृंगार निराला, हरी चुनरिया धानी है, ये पेड़, ये पौधे, ये दूब-घास, कुदरत की अमिट कहानी है। पूछता[...]

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प्रकृति की अनमोल विरासत — उमेश कुमार सिन्हा ‘ ‘निर्देशक ‘प्रकृति की अनमोल विरासत — उमेश कुमार सिन्हा ‘ ‘निर्देशक ‘

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नीले नभ की छत्रछाया में, धरा अनोखी रानी है, पर्वत इसके मुकुट सुहाने, नदियों की कल्याणी है। रंग-बिरंगे फूलों से[...]

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