पद्यपंकज Bhakti,Bhawna,Festival,sandeshparak नवशक्ति-नूतन कुमारी 

नवशक्ति-नूतन कुमारी 


Nutan

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हे दुर्गा ! हे चंडिके! हे महामाया!

स्त्री रुप है तेरी ही छाया,

तेरी नवशक्ति से दुनिया कायम,

तूने यह मानव को समझाया।

नारी का जग सम्मान करें,

यह बात न हो कभी भी मिथ्या,

वो ख़ुश करता नवशक्ति को,

जो समझें नारी की व्यथा।

नारी को समानता का है अधिकार,

नहीं कम आँको, न करों अत्याचार,

स्वतंत्रता दो आसमां छूने की,

पा लेने दो उसे भी रोज़गार।

बेटी से मत घबराओ कभी,

संवैधानिक अधिकार उसे भी है,

दहेज प्रथा से मुक्ति दिलाओ सभी,

शिक्षा का अधिकार उसे भी है।

स्त्री को सुरक्षा प्रदान कर,

उसके हित का कल्याण कर,

नारी शक्ति का तू भान कर,

नित नवदुर्गा का वंदन कर।

स्वरचित व मौलिक

नूतन कुमारी 

प्राथमिक विद्यालय पोखरिया

पूर्णियाँ, बिहार

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