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हम महिलाएँ भी किसी चाँद से कम नहीं – रिंजु कुमारी
कुछ चाँद आसमान में चमकते हैं,
कुछ चाँद इस धरती पर भी रहते हैं।
हम महिलाएँ भी किसी चाँद से कम नहीं,
जो खुद जलकर नहीं, अपने हौसलों से चमकती हैं।
जिम्मेदारियों के बीच मुस्कुराना जानती हैं,
टूटकर भी खुद को सँभालना जानती हैं।
हमारी चमक सिर्फ चेहरे की खूबसूरती नहीं,
हमारे संघर्ष, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की निशानी है।
हम चाँद हैं इस धरती के, बस हमारा आसमान थोड़ा अलग है।
रिंजु कुमारी
फॉर्बेसगंज अररिया
बिहार

