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आओ प्रकृति को स्वच्छ सुंदर हरित संसार सजाएँ – उमेश कुमार सिन्हा
आइए, हम सब सद्भाव बनाएँ,
वातावरण को सद्भाव से महकाएँ।
सद्भाव की सुगंध फैलाकर,
प्रकृति-संरक्षण का माहौल बनाएँ।
एक-एक कमी को हम खोजें,
उसका निदान करना न भूलें।
हर प्रकार के पेड़-पौधे लगाएँ,
जल और पोषक तत्त्व देना न भूलें।
अनेक प्रकार के पौधे लगाकर,
हरित क्रांति फिर से दोहराएँ।
बार-बार यह अभियान चलाकर,
प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ।
हर किस्म के पौधे लगाकर,
एक-एक का जीवन संरक्षित करें।
वातावरण को ऑक्सीजन से भरपूर करें,
प्रदूषण को दूर करने का प्रयास करें।
प्रकृति को फिर पहले-सा सुंदर,
स्वर्ग-सा मनोरम बनाएँ।
आओ, विद्यार्थियों, सम्मुख आओ,
फूलों से धरती को सजाएँ।
स्वर्ग के देवताओं को भी,
इस सुंदरता से अचंभित कर जाएँ।
विद्यालय के प्रांगण में आकर,
नियत पोशाक में अभियान चलाएँ।
विद्यालय फूलों से महकेगा,
चारों ओर सुगंध फैलाएगा।
जल को शुद्ध और संरक्षित कर,
हमारा विद्यालय चहक जाएगा।
स्वरचित मौलिक रचनाकार:-
उमेश कुमार सिन्हा निर्देशक
डिसेंट एकेडमी वाया स्कूल रघुनाथपुर
बिहार सरकार द्वारा पूर्णतः स्वीकृत विद्यालय
गोस्वामी तुलसीदास पथ लालापुल रघुनाथपुर
अंचल – ब्रह्मपुर
जिला – बक्सर

