हिंदी हिन्द की आवाज, प्राकृत, पाली, संस्कृत से क्रमशः निःसृत, भारतीयता की पहचान हिंदी। भारतेंदु से पंत तक, महादेवी से भावपूरित, निराला के अंनत तक, दिनकर की ओज…
Author: Amitesh Kumar
हिंदी हैं हम – आशीष कुमार पाठक
हिंदी हैं हम हिंदी हमारी वेदना हिंदी हमारी गान हिंदी हमारी आत्मा यह देश की हर तोतली आवाज हिंदी हमारी जान हमारी आन बान और शान मातृभूमि पर मर…
स्कूल कितना जरूरी है – अमृता कुमारी
स्कूल कितना जरूरी है! यह स्वतंत्र हंसी ये आंखों की चमक बता रही है कि… लड़कियों के लिए स्कूल कितना जरूरी है! अपने सपनों को एक दूसरे से कहकर…
मित्र की मित्रता – राम बाबू राम
मित्र की मित्रता मित्र की मित्रता है सबसे प्यारी, मित्र है तो जग न्यारी। मित्र है तो खुशियां सारी, मित्र है तो सुंदरता हमारी। मित्र है सुख-दुख…
रसीले फल – राम बाबू राम
रसीले फल आम फलों का राजा है, रस से भरा रसीला है। लीची खट्टी मीठी है, यह हम सबको भाती है। बारिश की बूंदों के साथ, जामुन…
एक पौधा लगाऊंगा – राम बाबू राम
एक पौधा लगाऊंगा एक पौधा लगाऊंगा, उसमें रोज पानी डालूंगा। जंगल-झाड़ काटकर, साफ-सुथरा रखूंगा, जब पौधा बड़ा हो जाए, उसके छांव में बैठूंगा। फिर झूला झूलूंगा, फल तोड़ घर…
शराब कभी न पिएंगे – बिंदु अग्रवाल
शराब कभी न पिएंगे आज अचानक मन में एक खयाल आया.. गम को कम कैसे करें यह सवाल आया.. सोचा चलो हम भी पीकर झूमते है, यूँ शराब…
हिंदी: सुर वाणी की जाया- राम किशोर पाठक
हिंदी, सुर वाणी की जाया- किशोर छंद सुर वाणी की जाया कहिए, हिंदी को। भूल रहे सब क्यों है गहिए, हिंदी को।। हृदय भाव में फिर से भरिए, हिंदी को।…
शिक्षक तेरी सत्य कहानी – डॉ कार्तिक कुमार
शिक्षक तेरी सत्य कहानी शिक्षक तेरी सत्य कहानी, हाथ में लेखनी आंख में पानी। जीवन बिता विज्ञानी वाणी, सुनो अपनी सरल कहानी। पुरानी पेंशन हाथ ना आनी, बुढ़ापे मैं…
हम शिक्षक – डॉ स्नेहलता द्विवेदी
हम शिक्षक धीरे धीरे मैं गढ़ती हूँ, घर घरौंदा आदिम सब, जाने जैसे कैसे लिखती वर्ण व आख़र आखिर सब। कोमल निर्मल मन पर लिखती खेल खिलौने बाकिर सब,…