Author: Anjum Ara

Subala Kumari

मां की पुकार सुबाला कुमारीमां की पुकार सुबाला कुमारी

0 Comments 11:10 pm

करूँ मैं वंदना कब से, विराजो इस हृदय में मां, अकिंचन जानकर माता, हमें क्यों भूल जाती हो। संभालो अब[...]

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जितिया- माँ के प्रेम और ममता का पर्वजितिया- माँ के प्रेम और ममता का पर्व

0 Comments 6:13 pm

माँ के आँचल में पलता, संतान का हर एक संसार, उसकी खुशियों की खातिर माँ, सह लेती हर दुख अपार।[...]

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