करूँ मैं वंदना कब से, विराजो इस हृदय में मां, अकिंचन जानकर माता, हमें क्यों भूल जाती हो। संभालो अब[...]
Author: Anjum Ara
वंदना सुबाला कुमारीवंदना सुबाला कुमारी
वह शक्ति हमें दो दयानिधि, कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ। पर सेवा ,पर उपकार में हम ,जगजीवन सफल बना आए।[...]
जितिया- माँ के प्रेम और ममता का पर्वजितिया- माँ के प्रेम और ममता का पर्व
माँ के आँचल में पलता, संतान का हर एक संसार, उसकी खुशियों की खातिर माँ, सह लेती हर दुख अपार।[...]
