पहुंच मंजिल अब मुस्काना है पथ की बाधाओं से डरकर दुख की झंझाओं से थककर हे पथिक ! तुम हार[...]
Author: Anjum Ara
महामंत्र: आत्म शुद्धि- धर्मेंद्र कुमार ठाकुरमहामंत्र: आत्म शुद्धि- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
महामंत्र: आत्म शुद्धि सिद्ध होंगे कार्य सारे, सिद्धियाँ चरण चूमेंगी, सफलता की पताकाएँ, गगन में गोल घूमेंगी। अगर पहचान ले[...]
जिंदगी क्या है?_ गिरीन्द्र मोहन झाजिंदगी क्या है?_ गिरीन्द्र मोहन झा
जिंदगी क्या है? ईश्वर में आस्था रखते हुए स्थितप्रज्ञ और आत्मभाव में स्थित होकर निरंतर कर्म करने का नाम है[...]
जीवन की कहानी में सबका अपना अपना रोल – उमेश कुमार सिन्हाजीवन की कहानी में सबका अपना अपना रोल – उमेश कुमार सिन्हा
जीवन की कहानी में सबका अपना-अपना रोल जीवन की कहानी में सबका अपना-अपना रोल है, जगह-जगह पर निकलता सु-स्वर का[...]
चंपारण ने राह दिखाया – सीता राम रायचंपारण ने राह दिखाया – सीता राम राय
चम्पारण ने राह दिखाया, गांधी को अपने घर लाया; शोषण की तस्वीर दिखाकर, सत्याग्रह का प्रयोग कराया। ‘तीनकठिया’ ने ख़ूब[...]
मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ — पुनम कुमारीमद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ — पुनम कुमारी
मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ, खामोशी में कुछ कहती हूँ। आँखों में सपनों की दुनियाँ, दिल में[...]
ज़िंदगी की आस बाकी है – पूनम कुमारीज़िंदगी की आस बाकी है – पूनम कुमारी
ज़िंदगी की आस बाकी है टूटे सपनों की किरचों में, अब भी कोई उजास बाकी है, थकी हुई इन साँसों[...]
मीना की बच्चियां – नीतू रानीमीना की बच्चियां – नीतू रानी
मीना की बच्चियांँ। मीना की बच्ची ने कर दी कमाल ड्रेस में आती स्कूल रीबन से बाँध के बाल समय[...]
लालच की अंतहीन गर्त -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरलालच की अंतहीन गर्त -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
लालच की अंतहीन गर्त यह सूक्ष्म सुई के छेद जैसी, दिखती छोटी इक थैली है, पर इसके भीतर छिपी हुई,[...]
श्वेत सोना. धर्मेंद्र कुमार ठाकुरश्वेत सोना. धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
धरती का अनमोल रत्न हूँ, नभ का गोरा चाँद हूँ, मैं कपास का रूप नहीं, इस सृष्टि का वरदान हूँ।[...]
