कण-कण में तू व्याप्त है, निराकार बनके मौन । हर लम्हा होता महसूस तेरा, तेरे बिना उबारे कौन।। विश्वास फूल[...]
Author: Anupama Priyadarshini
सरस्वती वंदना – मो.मंजूर आलमसरस्वती वंदना – मो.मंजूर आलम
स्तुति मां वागीश्वरी स्तुति मां सरस्वती ज्ञान की देवी तू जहान की देवी तू वंदन करूं तेरी, हे शारदे! जीवन[...]
वो बचपन की यादे -दीपा वर्मावो बचपन की यादे -दीपा वर्मा
वो प्यारा सा बचपन मेरा, वो मिट्टी के बरतन और कागज के नाव बनाना, कभी-कभी याद आ ही जाती है।[...]
बालिका-शिक्षा – पामिता कुमारीबालिका-शिक्षा – पामिता कुमारी
बेटी पढाईला से कछु नय बिगरतै हे बाबूजी तोहर पगड़ी नय गिरतै। बेटी और बेटा में भेद नय करिहो, दोनो[...]
काली घटा – जय कृष्ण पासवानकाली घटा – जय कृष्ण पासवान
काली घटा छाई है नभ में, मौसम का रंग सुहाना है। धरती फूलों की हार है पहनी, वो हवा का[...]
बेटी – अरविंद कुमार अमरबेटी – अरविंद कुमार अमर
(1)-छै येहा धारना दूनिया के, बेटी पराई होते छै। पर बिना बेटियौ के जग में, तकदीर सब के सुतले छै।[...]
पाषाण की व्यथा – मो.मंजूर आलमपाषाण की व्यथा – मो.मंजूर आलम
रोक कर चौराहे पर बोला एक दिन मुझसे क्या तुम देख सकते हो? लथपथ हूं खून से मैं! छलनी है[...]
एकावली – सुधीर कुमारएकावली – सुधीर कुमार
मात्रा — १० यति — ५,५ अंत — दीर्घ २१२ , २१२ मौत से , जो डरे । आज ही[...]
बचपन -भवानंद सिंहबचपन -भवानंद सिंह
बच्चे होते हैं नादान रहती चेहरे पर मुस्कान, तुरंत लड़ाई तुरंत ही मेल बचपन का यही है खेल । बच्चे[...]
मनहरण घनाक्षरी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मनहरण घनाक्षरी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
रवि छिप जाता जब, चांद आसमान तब, सरोवर पड़ा जल झिलमिल करता। वर्षा ऋतु जाने पर, शरद के आने पर,[...]
