उसे घमंड था कि,मैं हूँ अपराजेय हूँ त्रिलोक विजेता। दिग,दिगंत है हमारी मुट्ठी में, पर भूल रहा था वो। अपराजित[...]
Author: Anupama Priyadarshini
विजयादशमी राज – एस.के.पूनमविजयादशमी राज – एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी (विजयादशमी राज) दस दिन श्रमदान, चहुँओर मिला मान, सम्मान का अधिकार,पाकर करता नाज। सत्ता पाने का संघर्ष,[...]
मुक्तहस्त स्नान दान – एस.के.पूनममुक्तहस्त स्नान दान – एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी विषय:-(मुक्तहस्त स्नान दान) बीता है ग्रहणकाल, सुतक का अंत हुआ, सरिता के तट पर,करते हैं योगी ध्यान।[...]
देवी को स्वीकार है – एस.के.पूनम।देवी को स्वीकार है – एस.के.पूनम।
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी। सप्तमी को पट खुले, उपासक झूम उठे, अष्टमी को पंड़ालों में,भक्तों की कतार है। नर-नारी ध्यान[...]
मन लगता है – नीतू रानीमन लगता है – नीतू रानी
नमन मंच 🙏🙏🙏 विषय -नवरात्रि आती है मन लगता है शीर्षक -मन लगता है। नवरात्रि आती है मन लगता है,[...]
सिद्धिदात्री – संजय कुमारसिद्धिदात्री – संजय कुमार
हे सिद्धिदात्री,हे मातृशक्ति करता रहूं मैं,अविरल भक्ति। तिमिर अज्ञानता को नष्ट करो सद्बुद्धि,सद्भाव ज्ञान भरो। इतनी सी माँ दया करो[...]
जगत निर्माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जगत निर्माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
अगर कपूर धूप कंचन के थाल धर, आरती उतारें रोज गणेश की माता की। फल-फूल-अक्षत ले चरणों में सिर रख,[...]
मनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी पूनम की निशा काल, स्वर्णिम है मेरा हाल, रवि दिखा प्राची दिशा,चमकता माथ है। पक्षी करे[...]
छागर की माॅ॑ – नीतू रानी” निवेदिता”छागर की माॅ॑ – नीतू रानी” निवेदिता”
छागर की माॅ॑ बकरी कहती है क्या यहीं है नवरात्रि का त्योहार, जिस त्योहार में की जाती है मेरे आगे[...]
ममतामई माता – जैनेन्द्र प्रसाद रविममतामई माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
जननी जगत त्राता ममतामई हैं माता, पूजन भजन कर, पाते हैं आशीष लोग। शरण में जो भी आता मन चाहा[...]
