Author: Anupama Priyadarshini

S K punam

मनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनम

0 Comments 10:30 am

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी पूनम की निशा काल, स्वर्णिम है मेरा हाल, रवि दिखा प्राची दिशा,चमकता माथ है। पक्षी करे[...]

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Nitu Rani

छागर की माॅ॑ – नीतू रानी” निवेदिता”छागर की माॅ॑ – नीतू रानी” निवेदिता”

0 Comments 10:27 am

छागर की माॅ॑ बकरी कहती है क्या यहीं है नवरात्रि का त्योहार, जिस त्योहार में की जाती है मेरे आगे[...]

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Jainendra

ममतामई माता – जैनेन्द्र प्रसाद रविममतामई माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 10:25 am

जननी जगत त्राता ममतामई हैं माता, पूजन भजन कर, पाते हैं आशीष लोग। शरण में जो भी आता मन चाहा[...]

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Jainendra

नीलकंठ पक्षी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नीलकंठ पक्षी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 10:23 am

विजयादशमी पर्व का महिमा महान है, नीलकंठ चिड़िया का, शुभ होता है दर्शन। सुबह से शाम तक पक्षी का दीदार[...]

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Snehlata

भवानी सुन – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘भवानी सुन – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘

0 Comments 8:37 am

ममतामयी मातु भवानी सुन, आद्या जननी तू सदगति दे। इहलोक में जगदम्बा सुन ले, भावप्रीता मुझे शरणागति दे। ममतामयी मातु[...]

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Jainendra

अष्टमी का महाव्रत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’अष्टमी का महाव्रत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:28 am

भारत में नर-नारी समूल संकट हारी, श्रद्धा पूर्वक रखते, अष्टमी का उपवास। गृहस्थ हो याकि संत, भक्ति भाव में हो[...]

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Sanjay Kumar

माता की महिमा – संजय कुमारमाता की महिमा – संजय कुमार

0 Comments 9:27 am

माता की महिमा माता की महिमा अपरंपार करती हैं अपनी भक्तों का उद्धार। जो भी इनकी शरण मे आया दुःख[...]

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S K punam

प्रभु सुन लें पुकार- एस.के.पूनमप्रभु सुन लें पुकार- एस.के.पूनम

0 Comments 9:23 am

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी (प्रभु सुन लें पुकार) रात है अमावस्या की, प्रकाश है खद्योतों से, हृदय में ध्यान कर,सूर्य प्रभा[...]

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Jainendra

जननी जगदम्बा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जननी जगदम्बा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:17 am

मनहरण घनाक्षरी छंद कहते हैं साधु संत जिनका न आदि अंत, असीम आनंद पाते, करते जो ध्यान हैं। श्रद्धा भक्ति[...]

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Jainendra

मां का दरबार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मां का दरबार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 7:43 am

विद्या:- मनहरण घनाक्षरी छंद अक्षत चंदन संग पूजन की थाल लिए, आते रोज नर-नारी, मां के दरबार में। अखियाँ तरस[...]

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