Author: Anupama Priyadarshini

S K punam

सोए को जगाइए – एस.के.पूनमसोए को जगाइए – एस.के.पूनम

0 Comments 9:03 am

कलम के सौदागर, प्रमाण लेकर आज, जगत के सम्मुख खड़े,होकर दिखाइए। पन्ना-पन्ना भर गया, गहन चिंतन शोध, तिमिर को भेद[...]

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S K punam

रूपघनाक्षरी – एस.के.पूनमरूपघनाक्षरी – एस.के.पूनम

0 Comments 9:01 am

संग्राम क्यों होते रहे, संघर्ष है विचारों की, अहंभाव समाहित,मन करे परेशान। केवल मानव नहीं, प्रकृति के कण-कण, द्वंदवाद से[...]

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Gautam

तपती-जलती वसुंधरा – मास्टर गौतम भारतीतपती-जलती वसुंधरा – मास्टर गौतम भारती

0 Comments 9:00 am

कई दिनों से उमस बड़ी है, तपती-जलती वसुंधरा । कहाँ खो गए नभ में बादल? कर दया आ बरस जरा,[...]

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Ratna Priya

मंजूषा कला – रत्ना प्रियामंजूषा कला – रत्ना प्रिया

1 Comment 1:48 pm

मंजूषा कला लोक कथा, लोक संस्कृति, जीवन का आधार है , मंजूषा कला ,अंगप्रदेश का, अनुपम उपहार है | कला[...]

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Ratna Priya

मंजूषा के शिल्पकार – रत्ना प्रियामंजूषा के शिल्पकार – रत्ना प्रिया

0 Comments 1:47 pm

मंजूषा के शिल्पकार मंजूषा की कलाकृति को, अंतर्मन में धारा है, अपनी कला, संस्कृति बचाओ, शिल्पकार का नारा है| निर्मला[...]

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Jainendra

धान की बुआई – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’धान की बुआई – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

1 Comment 4:18 pm

मिलके लुगाई संग धान की बुवाई करें, फसल उगाने हेतु किसान लगाता जोर। हल उठा काँधे पर खेतों की जुताई[...]

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Devkant

कुंडलिया – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’कुंडलिया – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 6:33 pm

आया सावन झूमकर, हर्षित हुए किसान। ‌हरी-भरी यह भूमि हो, यही हमारी आन।। यही हमारी आन, सदा गुण ऊर्जा भरिए।[...]

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Jainendra

बेबस इंसान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बेबस इंसान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 6:32 pm

रूप घनाक्षरी छंद पानी हेतु किसानों की नजरें तरस रहीं, धूल उड़े सावन में देख रहे आसमान। नमी बिना खेतों[...]

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Nitu Rani

तिरंगा – नीतू रानीतिरंगा – नीतू रानी

0 Comments 6:30 pm

तीन रंग का मेरा झंडा कितना सुन्दर प्यारा है, इसको वीर सपूतों ने मिलकर इसे संवारा है। देखो ऊपर लहर[...]

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