Author: Khushboo kumari

Dharmendra Kumar Thakur

बच्चों की शरारत – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरबच्चों की शरारत – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:39 pm

सुबह सवेरे बजती घंटी, खुल जाते विद्यालय के द्वार, मानो टूट पड़ा हो धरती पर, नन्हें वीरों का संसार। लाखों[...]

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श्रद्धांजलि – उमेश कुमार सिन्हाश्रद्धांजलि – उमेश कुमार सिन्हा

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पिता के संरक्षण में पुष्पित-पल्लवित, माता के संस्कारों के साँचे में ढली, लाड़ला हो या सुश्री लाड़ली, अपने चंचल चितवन[...]

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हम शिक्षक हैं खुशबू कुमारीहम शिक्षक हैं खुशबू कुमारी

0 Comments 8:57 am

हम शिक्षक हैं ज्ञान का दीप जलाने वाले, हर जीवन को महकाने वाले। अंधियारे पथ पर खुद चलकर, सच्ची राह[...]

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