सुबह सवेरे बजती घंटी, खुल जाते विद्यालय के द्वार, मानो टूट पड़ा हो धरती पर, नन्हें वीरों का संसार। लाखों[...]
Author: Khushboo kumari
श्रद्धांजलि – उमेश कुमार सिन्हाश्रद्धांजलि – उमेश कुमार सिन्हा
पिता के संरक्षण में पुष्पित-पल्लवित, माता के संस्कारों के साँचे में ढली, लाड़ला हो या सुश्री लाड़ली, अपने चंचल चितवन[...]
हम शिक्षक हैं खुशबू कुमारीहम शिक्षक हैं खुशबू कुमारी
हम शिक्षक हैं ज्ञान का दीप जलाने वाले, हर जीवन को महकाने वाले। अंधियारे पथ पर खुद चलकर, सच्ची राह[...]
