पद्यपंकज Uncategorized म्याऊं म्याऊं म्याऊं -कार्तिक कुमार

म्याऊं म्याऊं म्याऊं -कार्तिक कुमार



म्याऊं म्याऊं म्याऊं
लेखक कार्तिक कुमार

म्याऊं म्याऊं म्याऊं,
आई बिल्ली रानी गांव।
धीरे-धीरे चलती जाती,
दूध मलाई खूब ही खाती।
काली-भूरी प्यारी बिल्ली,
लगती जैसे छोटी तितली।
चूहे देखे दौड़ लगाती,
फुर्र से उनको दूर भगाती।
म्याऊं म्याऊं मीठी बोली,
सब बच्चों की यह हमजोली।
कूदे फांदे दिनभर न्यारी,
सबको लगती बहुत ही प्यारी।
रात हुई तो आँख चमकाए,
धीरे-धीरे गीत सुनाए।
म्याऊं म्याऊं म्याऊं गाए,
सपनों की दुनिया ले जाए।

वर्ग शिक्षक 2
कार्तिक कुमार
मध्य विद्यालय कटरमाला गोरौल वैशाली
7004318121

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