चाहता चरण धूल नहीं मांँगता हूंँ धन, भरा पूरा परिजन, भावना सहित तन-मन हो समर्पित। पास नहीं फल-फूल, चाहता चरण धूल, श्रद्धा सुमन तुझको करता हूंँ अर्पित। तेरी करूणा कि…
Author: Dr Snehlata Dwivedi
शुभ भोर -रामपाल प्रसाद सिंह
शुभ भोर हो गया उजियारा। मनमोर नाचता है प्यारा।। “अनजान”साॅंस भरपूर लिए। अनमोल ज्ञान भरपूर दिए।। खग जाग भाग कर गगन छुए। पशु दौड़ भाग कर मगन हुए।। कितना लहलह…
बहाता नीर था कोई -एस. के. पूनम
ऊँ कृष्णाय नमः विधाता छंद। (बहाता नीर था कोई) कुसुम जैसा खिले यौवन, प्रफुल्लित था प्रणय पल से। नदी की धार सागर में, उगा था पुष्प हिय तल से। पगों…
प्रेम पुजारी -जैनेंद्र प्रसाद रवि
प्रभाती पुष्प प्रेम पुजारी सभी भक्त प्रेमियों की- करुण पुकार सुन, दुख देख द्रवित हो, जाता है ये कन्हैया। यमुना किनारे रोज- कदम की डाल पर, वसन चुराता कभी, बांसुरी…
समृद्ध भारत -रामकिशोर पाठक
समृद्ध भारत – दोहा छंद गीत है समृद्ध भारत सदा, बौद्धिकता में खास। हमें गर्व होता रहा, है पावन इतिहास।। सत्य सनातन संत से, संशय सदा सुधार। हरपल जग को…
ईश्वर से जुड़े तार -एस. के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 रूपघनाक्षरी छंद। (ईश्वर से जुड़े तार) उत्कीर्णन पीत वर्ण, रश्मियों का शृंगार है, दिशा प्राची रवि खड़े,करते हैं इंतजार। वहाँ धुआँ उठ रहा, जल रहा अलाव है,…
आसरा -रामपाल प्रसाद सिंह
पद्ममाला छंद 8 वर्ण आसरा पास बैठी है। खींचती मर्म की रेखा।। जन्म लेते जिसे देखा। आज माॅं खास बैठी है। आसरा पास बैठी है।। दर्द होने नहीं देती। मात…
याद उन्हीं की आती है -रामपाल प्रसाद सिंह
याद उन्हीं की आती है। निशि-वासर को चैन नहीं है,पीड़ा वाण चलाती है। छोड़ चले जाते हैं जग को,याद उन्हीं की आती है।। मेरी पीड़ा हरनेवाली,पीड़ा देकर कहाॅं चली। सिंधु…
झलक दिखाएं कृष्ण -रामकिशोर पाठक
झलक दिखाएँ कृष्ण- रोला छंद गीत मिल जाए फिर चैन, उन्हें आँखों में भरके। छलक उठे है नैन, याद मोहन को करके।। क्षमा माँग लूँ आज, सभी पापों के अपने।…
रिश्ता रखें सच्चा -जैनेन्द्र प्रसाद
प्रभाती पुष्प रिश्ता रखें सच्चा संगी-साथी मित्र सच्चे, मिलते कहांँ हैं अच्छे, संबंध जो बन जाए, रिश्ता रखें सच्चा है। किसी से जो नाता जोड़ें उसको निभाना सीखें, वरना तो…