नव वर्ष -रामकिशोर पाठक

नववर्ष – सार छंद गीत शीत लहर से थर-थर कांँपे, हम-सब जरा विचारें। आंग्ल वर्ष अब बदल गया है, सब नववर्ष पुकारें।। जीव-जन्तु सब व्याकुल फिरते, खुशियाँ कैसी भाई। रीत…

भारत में शिक्षा घोटाला

भारत में शिक्षा घोटाला शिक्षा के पवित्र गलियारों में अब सम्मान बिकने लगा है। पहले शिक्षक के कानों में मीठे शब्द फुसफुसाए जाते हैं— “आप अद्भुत हैं, आप प्रेरणा हैं,…

नए वर्ष की नयी उम्मीदें -रुचिका

नए वर्ष की नयी उम्मीदें देखो, फिर ठिठुरते,कंपकंपाते दिसंबर की सर्द रातों संग ये वर्ष अपनी अंतिम साँसें ले रहा है और फिर हमारे सोचों का सिलसिला जनवरी से लेकर…

चाहता चरण धूल -जैनेंद्र प्रसाद रवि

चाहता चरण धूल नहीं मांँगता हूंँ धन, भरा पूरा परिजन, भावना सहित तन-मन हो समर्पित। पास नहीं फल-फूल, चाहता चरण धूल, श्रद्धा सुमन तुझको करता हूंँ अर्पित। तेरी करूणा कि…

शुभ भोर -रामपाल प्रसाद सिंह

शुभ भोर हो गया उजियारा। मनमोर नाचता है प्यारा।। “अनजान”साॅंस भरपूर लिए। अनमोल ज्ञान भरपूर दिए।। खग जाग भाग कर गगन छुए। पशु दौड़ भाग कर मगन हुए।। कितना लहलह…