सरस्वती प्रार्थना- द्विगुणित सुंदरी छंद गीत फँसे मँझधार में हैं, दे दो किनार मैया। कोई मिला न जग में, सुन लो पुकार मैया।। कुछ भी समझ न आए, वक्त निकलता…
Author: Dr Snehlata Dwivedi
माता वाणी से विनय- रामकिशोर पाठक
माता वाणी से विनय- विधाता छंद गीत पुकारूँ मैं तुम्हें माता, जरा मुझपर तरस खाओ। हरो अज्ञानता मेरी, सहज कुछ ज्ञान दे जाओ।। जरा वीणा बजा दो माँ, सभी सुर…
प्रकट हो माता भवानी रामपाल प्रसाद सिंह
कुंडलिया प्रकट हो मात भवानी। (दुर्गा/पार्वती) मात भवानी प्रेरणा,शक्ति पुंज आधार। धरा अकारण मानती,तेरा ही उपकार।। तेरा ही उपकार,सघन हरियाली छाई। संकट में संसार,आप ही सम्मुख आई।। कहते हैं”अनजान”,अमिट है…
कछुआ -नीतू रानी
विषय -बाल कविता। शीर्षक -कछुआ , बिल्ली, घोड़ा जिराफ। मैंने बनाई चार्ट पेपर से कछुआ, बिल्ली, घोड़ा ,जिराफ, देखने में लगते हैं ओरिजनल और दिखते सुंदर और साफ। बिल्ली घर…
इन्सान बदल गया है -बैकुंठ बिहारी
इंसान बदल गया है सभी कहते हैं, समय बदल गया है। वास्तविकता यह है, कि इंसान बदल गया है। स्वार्थ में जीना, इसका पर्याय बन गया है। पहले रिश्ते निभाना…
ॐ कृष्णय नमः -एस. के पूनम
ऊँ कृष्णाय नमः विधाता छंद (हमारी बाँसुरी राधा) हमारी बाँसुरी राधा, कभी मुझसे नहीं रूठी। किया वादा हमेशा ही, सदा निकली शपथ झूठी।। हृदय की बात तुमसे कह, प्रणय की…
ध्वज फहराइए -रामकिशोर पाठक
ध्वज फहराइए- मनहरण घनाक्षरी (८-८-८-७) नियमों का ध्यान कर, सबका सम्मान कर, सत्य गुणगान कर, तंत्र अपनाइए। अपनों से मिलकर, दुश्मन से लड़कर, समरस बनकर, कदम बढ़ाइए। शहीदों के नमन…
देश हमारा सबसे प्यारा-आशीष अम्बर
देश हमारा सबसे प्यारा। देश धर्म पर बलि- बलि जाओ। एक साथ सब मिलकर गाओ। प्यारा भारत देश हमारा। झंडा ऊंचा रहे हमारा। देश को आजादी दिलाने के लिए। जिन…
हरियाली -रामकिशोर पाठक
हरियाली- रासा छंद गीत शब्दों से आज चीखना है। वृक्ष लताओं से लिखना है।। जब धरती पर हरियाली हो। मौसम मन भाने वाली हो।। शुद्ध हवा पानी सब पाए। पुलकित…
आओ नूतन गान लिखे बिंदु अग्रवाल
आओ नूतन गान लिखें आओ नूतन गान लिखें हम एक नया अभियान लिखें। अंतरमन के भेद मिटा हर होठों पे मुस्कान लिखें।। नये वर्ष में नया गीत नव कलियों का…