महाराणा प्रताप राजस्थान के मेवाड़ में, सिसोदिया राजवंश था। वीर उदय सिंह द्वितीय का, जन्म लिया एक अंश था।।[...]
Category: दिवस
माता का सम्मान हमेशा- अमरनाथ त्रिवेदीमाता का सम्मान हमेशा- अमरनाथ त्रिवेदी
माता का सम्मान हमेशा कन्याओं को जब रहने दोगे , तभी तो माँ बन पाएगी । उदर में ही खत्म[...]
जानकी नवमी – राम किशोर पाठकजानकी नवमी – राम किशोर पाठक
जनक के राज्य में ऐसा भयंकर ग्रीष्म आया था। सरोवर, खेत सूखे थें, नहीं कोई हल चलाया था।। किया था[...]
विश्व श्रमिक दिवस – राम किशोर पाठकविश्व श्रमिक दिवस – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी सूर्य, चंद्र ग्रह सारे, चलें श्रम के सहारे, यदि श्रम को बिसारे, कष्ट भरमार है। सृष्टि का आधार[...]
श्रमोत्सव- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याश्रमोत्सव- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
विश्व के धड़कन को तुम भी देख लो, झाँक कर हृदय पटल में कर नमन, श्रम की शक्ति को चलो[...]
सुनो-सुनो मजदूर हूँ मैं – मनु कुमारीसुनो-सुनो मजदूर हूँ मैं – मनु कुमारी
सिर पर भारी बोझ उठाएँ। दर्द सहें पर न घबराएँ। दो जून की रोटी पर हीं , मन में रखता[...]
परशुराम जयंती- राम किशोर पाठकपरशुराम जयंती- राम किशोर पाठक
दोहा छंद चार सनातन युग शुभद, करते ग्रंथ बखान। कालखंड सबके अलग, करे सभी गुणगान।।०१।। सतयुग का प्रस्थान था, त्रेतायुग[...]
अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस – राम किशोर पाठकअंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी आमोद प्रमोद संग, मन में भरे उमंग, आह्लाद विनोद रंग, नृत्य कर लीजिए। तन मन झूम उठे, आलस्य[...]
कुँवर सिंह – राम किशोर पाठककुँवर सिंह – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी मृगराज सी हुँकार, चमकती तलवार, अंग्रेजों को ललकार, किए जो कमाल थे। उम्र अस्सी किए पार, यौवन सी[...]
मिल जुलकर ये प्रण दुहराएं – रूचिकामिल जुलकर ये प्रण दुहराएं – रूचिका
आओ सब हम मिलजुलकर ये प्रण दुहराएं, हरित धरा के लिए सदा प्रयत्न हम कर जाएं। अनावश्यक पेड़ों की कटाई[...]
