Category: प्रेम

Ratna Priya

प्रतिकृति – रत्ना प्रियाप्रतिकृति – रत्ना प्रिया

0 Comments 10:09 am

मातृ-भक्ति का मुझे मिला, जो प्रसाद नौनिहाल का, नूतन दिवस है मेरी प्रतिकृति के दसवें साल का। नन्हीं कली का[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

प्रेम दिव्य अनुभूति परम है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्रेम दिव्य अनुभूति परम है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:01 pm

प्रेम दिव्य अनुभूति परम है आओ हम विश्वास बढ़ाएँ। प्रेम मग्न हों प्रभु को भजकर, अंतर्मन नव भाव जगाएँ। प्रेम[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Shanti Kumari

पिता – शांति कुमारीपिता – शांति कुमारी

0 Comments 8:46 am

एक उम्मीद है एक आस हैं पिता परिवार की हिम्मत और विश्वास है पिता बाहर से सख्त अंदर से नर्म[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Suresh-kumar-gaurav

विदाई की बेला-सुरेश कुमार गौरवविदाई की बेला-सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 9:33 pm

काल चक्र के समय काल को, विदा करने की भी ठानी गई चंद सेकेंड,मिनट, घंटे,पहर को, सबके द्वारा मानी भी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
suresh kumar gaurav

मित्रता की सार्थकता-सुरेश कुमार गौरवमित्रता की सार्थकता-सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:58 pm

जब जीवन में मिलते हैं सच्चे और अच्छे मित्र मन मस्तिष्क में उभरते हैं सार्थक जीवन चित्र! मित्र है वह[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Rajesh

राधाकृष्ण से सीताराम बनना है प्रेम- राजेश कुमार सिंहराधाकृष्ण से सीताराम बनना है प्रेम- राजेश कुमार सिंह

0 Comments 8:46 pm

वह प्रेम है ही नहीं जिसका उद्देश्य शरीर को पाना है। हर युग में प्रेम का मतलब राधा-कृष्ण बन जाना[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

माँ-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’माँ-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:34 pm

सभी देवियों से बढ़कर माँ ऊंचा है तेरा दर्जा, नहीं उतार पाऊंगा कभी जीवन भर मैं तेरा कर्जा। पहली बार[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें