शुचि मन-भावन श्रावण आया आगत को लख हों पुलकित मन। अम्बर बादल चहुँदिशि छाया। दृश्य मनोहर बरसा-सावन।। कृषक मुदित मन[...]
Category: बाल कविता
लाल टमाटर – मीरा सिंह “मीरा”लाल टमाटर – मीरा सिंह “मीरा”
लाल टमाटर छिपें कहां हो दिखते क्यों ना आज यहां हो। अभी अभी तो आएं थे तुम हाथ हिलाते चले[...]
फलों का राजा – नीतू रानीफलों का राजा – नीतू रानी
फलों का राजा आम है एक सौ में दो -तीन किलो देता, बहुत कम इसका दाम है फलों का राजा[...]
मैं राजू हूँ – नीतू रानीमैं राजू हूँ – नीतू रानी
मैं राजू हूँ राजू मेरा सभी काम करता है मेरा बाजू मैं राजू हूँ राजू। मैं अपना काम स्वयं करता[...]
लू की कहर से – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’लू की कहर से – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
बच्चों तुम स्कूल जाओ चाहे कोई काम पर कभी नहीं खाली पेट, निकलो तूं घर से। सुबह में काम करो[...]
मैं तैयार हूं -जयकृष्णा पासवानमैं तैयार हूं -जयकृष्णा पासवान
कितने ज़ख्म सहे हैं हमने, छांव छोड़कर धूप खाये है हमने। “अपमान की आग से ” झुलसा है बदन मेरा।।[...]
प्यारी गुड़िया- मीरा सिंह “मीराप्यारी गुड़िया- मीरा सिंह “मीरा
नन्ही मुन्नी प्यारी गुड़िया सबकी राज दुलारी गुड़िया। तितली जैसी उड़ती फिरती खुशियों की किलकारी गुड़िया।। कभी गले से आकर[...]
बचपन की नादानी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बचपन की नादानी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
कुछ शरारतें और नादानी याद जाती अपनी शैतानी, कभी सोचकर शर्म के मारे आ जाता आंखों में पानी। धमाचौकड़ी खूब[...]
बाल कविता – डॉ स्वराक्षी स्वराबाल कविता – डॉ स्वराक्षी स्वरा
नहीं खानी है रोटी-सब्जी मम्मी पीजा ला दो न मारे गर्मी बदन जल रहा पेप्सी भी मंगवा लो न ।।[...]
चल मुनिया-मीरा सिंह “मीरा”चल मुनिया-मीरा सिंह “मीरा”
तुझमें हिम्मत बल मुनिया। चल आगे बढ़ चल मुनिया। देखेगी दुनिया सारी तुझमें कितना बल मुनिया।। अवरोधों से मत घबरा[...]
