प्यारे-चाँद ओ चाँद उतर मेरे अँगना, मैं तो बैठी संग है बहना। जा ढूंढ के ला मेरा सजना, न उतरे[...]
Category: Bhawna
दिल की बात सुनें -अमरनाथ त्रिवेदीदिल की बात सुनें -अमरनाथ त्रिवेदी
दिल की बात सुनें किसी से कुछ कहे न कहें , पर दिल की बात जरूर सुन लें । वह कहता है तो[...]
बचपन – बाल गीत – राम किशोर पाठकबचपन – बाल गीत – राम किशोर पाठक
बच्चे मिलकर जश्न मनाए। धमा चौकड़ी धूम मचाए।। अनुपम हर क्षण है जीवन का। सफर सुहाना है बचपन[...]
कैकेई का त्याग- विधाता छंद गीत -रामकिशोर पाठककैकेई का त्याग- विधाता छंद गीत -रामकिशोर पाठक
कैकेई का त्याग- विधाता छंद गीत जगत कल्याण के कारण, किया विष पान त्रिपुरारी। पुनः दुनिया बचाने को, किया है[...]
ज्ञान का दीपकज्ञान का दीपक
ज्ञान का दीपक 5 अक्टूबर 2025 से विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्तिक कुमार मध्य विद्यालय कटरमाला गोरोल[...]
कष्ट – बैकुंठ बिहारीकष्ट – बैकुंठ बिहारी
कष्टबाल्यावस्था से ही यह माया,किशोरावस्था में भी, न छोड़ती किसी की काया,कभी कुछ खोने का कष्ट,कभी कुछ छूटने का कष्ट,कष्ट[...]
उलझन – राम किशोर पाठकउलझन – राम किशोर पाठक
उलझन- गीत सारी सुविधा भरी पड़ी है, पर मिलता आराम नहीं।बहुत दिनों से घरवालों का, आया है पैगाम नही।। रोजी[...]
जीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठकजीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठक
जीवन सुंदर सरस, लगता हरपल खास। कर्म करे जो सतत, होता नहीं उदास।। हारा मन कब सफल, मन के जीते[...]
शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
विधाता छंदधारित मुक्तक शरद पूर्णिमा कहीं संगम कहीं तीरथ, धरा पर पुण्य बहते हैं, मगर जो आज देखेंगे, कहेंगे व्यर्थ[...]
वक्त पूछता है, गिरीन्द्र मोहन झावक्त पूछता है, गिरीन्द्र मोहन झा
वक्त पूछता है रात्रि में शयन से पूर्व वक्त पूछता है, आज तुमने क्या-क्या अर्थपूर्ण किया, सुबह होती है जब,[...]
