अपना हमें समर्पण दे दो – बाल कविता कूद कूदकर आते बच्चे। कुछ सहमें इठलाते बच्चे।। कहना चाह रहे कुछ बच्चे। हो गए मौन फिर क्यों बच्चे।। आशाओं के दीप…
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प्रभु हम तुम्हें भुला न पाएँ – अमरनाथ त्रिवेदी
प्रभु हम तुम्हें भुला न पाएँ सारी उमरिया जीवन की , प्रभुजी यूँ ही बीत न जाए , कण कण में प्रभु आप बिराजें , प्रभु हम तुम्हें भुला न …
गुरुवर वाले प्रेम से – अवतार छंद गीतिका- राम किशोर पाठक
गुरुवर वाले प्रेम से – अवतार छंद गीतिका झूम रहे सब संग में, कुछ आज कीजिए। गुरुवर वाले प्रेम से, भर हृदय लीजिए।। बच्चों का भी मन लगे, आ सके…
घट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठक
घट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत बैठे हैं भस्म लगा कैलाशी, करते बेड़ा पार। घट-घट वासी शिव संन्यासी, महिमा अपरम्पार।। महाकाल शंकर विश्वंभर, हर लेते हैं शोक। शरणागत…
दादा जी की शान निराली – अमरनाथ त्रिवेदी
दादा जी की शान निराली दादा जी की बात कहूँ क्या , लगते कितने प्यारे हैं । एक हाथ में छड़ी लिए वे लगते कितने न्यारे हैं । उनका शासन…
भागो-भागो पानी आया – राम किशोर पाठक
भागो-भागो पानी आया – बाल गीत सबको यह भींगोने आया। भागो-भागो पानी आया ।। देखो बादल गरज रहा है। लगे पटाखा फूट रहा है।। काले, नीले, भूरे बादल। नवल रूप…
शिव की महिमा – अमरनाथ त्रिवेदी
शिव की महिमा देवों के हे देव महादेव , पूजा नित्य आपकी करते । तन , मन , धन ,भक्ति भाव को , नित्य आपके दर अर्पण करते…
विद्यालय में आओ – ध्रुव छंद – राम किशोर पाठक
विद्यालय में आओ – ध्रुव छंद विद्यालय में आओ, लेने ज्ञान। करते रहते गुरुजन, दिशा प्रदान।। नित्य नया कुछ सीखें, बनें उदार। जीवन मंत्र मिला है, करिए प्यार।। अपनी कमी…
शिक्षा – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
शिक्षा शिक्षा का सरोकार ज़ब बाजार बन गया , इंसान जो इंसान था बेईमान बन गया। आ जाओ जरा झाँक मन अपना देख ले , काला और स्याह हिंदुस्तान बन…
नमामि शंभु- राम किशोर पाठक
नमामि शंभु कृपालु शंकर आदि सुरेशा। नमामि शंभु महिषं महेशा।। त्रिलोचनाय कालं करालं। रूपं अनूपं तव चंद्र भालं।। जटा- जूटधारी हरणं क्लेशा। नमामि शंभु महिषं महेशा।। ओमकार रूपं निराकार रूपं।…