अँधेरा चाहे बहुत गहरा हो,रात भले ही ठहरी हो,आशा की किरण कहीं न कहीं,तुम्हारे लिए भी फैली हो। दर्द तुम्हारे[...]
Category: Bhawna
भारत की जननीभारत की जननी
धन्य है इस धरती की जननी,जो जनती ऐसे लाल को।अपने लहू से तिलक लगाते,भारत माँ के भाल को। सात रंग[...]
सुखी होगा परिवार- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’सुखी होगा परिवार- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
रूप घनाक्षरी छंद में पितरों को तिल जल- कुशाग्र अर्पण करें, उनके आशीष से ही, सुखी होगा परिवार। नदियों या[...]
जैसी होती भावना- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’जैसी होती भावना- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
जैसी होती भावना मनहरण घनाक्षरी छंद मानने से पत्थर में- मिलते हैं भगवान, दूध में मक्खन सिर्फ, देखे मेरी भावना।[...]
स्कूल कितना जरूरी है – अमृता कुमारीस्कूल कितना जरूरी है – अमृता कुमारी
स्कूल कितना जरूरी है! यह स्वतंत्र हंसी ये आंखों की चमक बता रही है कि… लड़कियों के लिए स्कूल[...]
मित्र की मित्रता – राम बाबू राममित्र की मित्रता – राम बाबू राम
मित्र की मित्रता मित्र की मित्रता है सबसे प्यारी, मित्र है तो जग न्यारी। मित्र है तो खुशियां[...]
रसीले फल – राम बाबू रामरसीले फल – राम बाबू राम
रसीले फल आम फलों का राजा है, रस से भरा रसीला है। लीची खट्टी मीठी है, यह हम[...]
एक पौधा लगाऊंगा – राम बाबू रामएक पौधा लगाऊंगा – राम बाबू राम
एक पौधा लगाऊंगा एक पौधा लगाऊंगा, उसमें रोज पानी डालूंगा। जंगल-झाड़ काटकर, साफ-सुथरा रखूंगा, जब पौधा बड़ा हो जाए,[...]
शराब कभी न पिएंगे – बिंदु अग्रवालशराब कभी न पिएंगे – बिंदु अग्रवाल
शराब कभी न पिएंगे आज अचानक मन में एक खयाल आया.. गम को कम कैसे करें यह सवाल आया..[...]
अँखियाँ भिगोने से- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’अँखियाँ भिगोने से- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद कड़ी धूप खिलने से- परेशानी बढ़ जाती, मौसम बदल जाता, बरसात होने से। मजदूर किसानों की- मेहनत[...]
