Category: Bhawna

Manu Raman Chetna

मन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारीमन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारी

0 Comments 7:53 pm

एक साधारण गृह से उठी, चेतना की दिव्य ज्वाला। रविदास ने कर्म से तोड़ा, रूढ़ि-बंधन का हर ताला। न मंदिर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
RAMPAL SINGH ANJAN

अश्रु आंखों में लिए-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ अश्रु आंखों में लिए-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

0 Comments 10:16 pm

आज जाने की घड़ी पर,रो रहा है आसमां। जो अभी परिवार ही हैं,कल रहेंगे पास ना।। राम आए कृष्ण आए,छोड़कर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

कहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनमकहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनम

0 Comments 10:12 pm

प्रभंजन आज चंचल है, विदाई सर्द की करते। अभी तो शुष्क धीरे से, तुषारापात को हरते। वसंती वात चलने से,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

दोहे – राम किशोर पाठकदोहे – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:48 am

दोहे श्री निवास घर में करें, जब तक मिलता मान।अहंकार के जागते, कर जाती प्रस्थान।। श्री पाकर सेवा करें, करिए[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

सेना हमारी शान- भवानंद सिंहसेना हमारी शान- भवानंद सिंह

0 Comments 8:36 pm

धनाक्षरी छंद सेना हमारे देश की,आन,बान व शान है,सेवा समर्पण ही इनकी पहचान है। देश रहे सुरक्षित,अखंड और अटूट,इनमें ही[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

बोलता समय – राम किशोर पाठकबोलता समय – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:51 pm

बोलता समय- दोहा छंद गीत शोर शराबा तो सदा, खौलाता है रक्त।अधर जहाँ पर मौन हो, वहाँ बोलता वक्त।। अगर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

मौसम – राम किशोर पाठकमौसम – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:47 pm

मौसम – रास छंद गीत२२२२,२२२२,२११२ मौसम भाए, ऋतुपति आए, प्रीत गहे।खुशी मनाते, सब इठलाते, झूम रहे।। कुसुम खिले हैं, गंध[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

अनुकरण से सीखना – मनु कुमारीअनुकरण से सीखना – मनु कुमारी

0 Comments 11:09 pm

अनुकरण से सीखना बोलने से पहले बच्चे,आँखों से पढ़ना सीखते हैं।कहने से पहले दुनिया को,करके देखना सीखते हैं। जो देखा,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

जातिवाद तो कोढ़ है – राम किशोर पाठकजातिवाद तो कोढ़ है – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:05 pm

जातिवाद तो कोढ़ है- दोहा छंद गीत बना दिया शासन जिसे, लाइलाज सा रोग।जातिवाद तो कोढ़ है, कहते ज्ञानी लोग।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

ऋतुओं का स्कूल – आशीष अंबरऋतुओं का स्कूल – आशीष अंबर

0 Comments 6:49 am

पोस्टमैन है सूरज चाचा,डाक सुबह की लाता है ।द्वारा – द्वार किरणों की पाती ,ठीक समय पहुँचाता है । चुन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें