जिस ओर हम पग धरें , सुकर्म सम्मत नीति से । फिर हार हो सकती नही , चाहे कोई भी[...]
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सच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदीसच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदी
है पुरुष वही सच्चा जिसमे , पुरुषार्थ भरा हो तन – मन मे । जीवन जीता हो परहित में ,[...]
प्रथम रश्मि – मनु कुमारीप्रथम रश्मि – मनु कुमारी
प्रथम रश्मि का आना रंगिणी! तूने कैसे पहचाना? कहां – कहां हे बाल हंसनि! पाया तूने यह गाना? सोये थे[...]
गुण – अवगुण- अमरनाथ त्रिवेदीगुण – अवगुण- अमरनाथ त्रिवेदी
गुण -अवगुण धर्मिता को , प्रकृति भी वरण करती है । जहाँ प्रकृति सृजन है करती , विनाश बीज भी[...]
कर्त्तव्य- अमरनाथ त्रिवेदीकर्त्तव्य- अमरनाथ त्रिवेदी
देव -दृष्टि का स्वपुँज , कर में लिए क्यों फिरते हो ? संतप्त हो या अभिशप्त अभी , कुछ क्यों[...]
जीवन का फ़लसफ़ा -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जीवन का फ़लसफ़ा -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सभी करते आनंद यहां अपने वजूद में, बड़े कामकाज करें, बच्चे खेलकूद में। किशोर तो विद्यालय जाएं करने पढ़ाई को,[...]
एक सच्चाई- नवाब मंजूरएक सच्चाई- नवाब मंजूर
सत्य से जो दूर है वही मद में चूर है लोभ भी भरपूर है इसी भ्रम में मानता स्वयं को,[...]
समाधान-अमरनाथ त्रिवेदीसमाधान-अमरनाथ त्रिवेदी
समाधान है अपने कर में , हम पीछे क्यों रह जाते है ? चिंता से चतुराई घटती , फिर चिंता[...]
ज्ञान के आलोक में -अमरनाथ त्रिवेदीज्ञान के आलोक में -अमरनाथ त्रिवेदी
ज्ञान के आलोक में , अज्ञानता को छोड़ दो । जलन की ; हठधर्मिता की , सारे बंधन तोड़ दो[...]
मानवी अभ्युदय के यथार्थ – अमरनाथ त्रिवेदीमानवी अभ्युदय के यथार्थ – अमरनाथ त्रिवेदी
समस्त विश्व मे सम्मुख यह काया , सदा -सदा अति न्यारी । प्रेयसी बन विचरण करती यह , कभी माँ[...]
