जीवन मे प्रेम का आधार हो , इसमें न छल व्यापार हो । न कालिमा -सी बात हो , न,[...]
Category: Bhawna
कोई मरे कोई सैर करे-मो.मंजूर आलमकोई मरे कोई सैर करे-मो.मंजूर आलम
बाजारों में सजे हैं स्वेटर मफलर कंबल रजाई रंग बिरंग के! कुछ बच्चे ठिठुर रहे हैं पड़े हैं घरों में[...]
अतुल्य टीका- सुरेश कुमार गौरवअतुल्य टीका- सुरेश कुमार गौरव
सदियों पूर्व की गई अपने यहां “टीकाओं” की अनूठी शुरुआत एक से बढ़कर एक हुए विद्वजन किए अद्भुत संस्कृति की[...]
ठुठरती ठंड- जयकृष्णा पासवानठुठरती ठंड- जयकृष्णा पासवान
गगन में कोहरे छाऐ हुए, बादल की छलकती है शमा। जग-सारा विरान हो गए, ठुठरती ठंड की है पनाह ।।[...]
कड़ाके की ठंड- दीपा वर्माकड़ाके की ठंड- दीपा वर्मा
कड़ाके की ठंड है , ठंड बड़ी प्रचंड है । शीतलहर जारी है , हर पल सब पर भारी है।[...]
आह्वान – अमरनाथ त्रिवेदीआह्वान – अमरनाथ त्रिवेदी
मुँह में राम दिल मे छुरी , लेकर न कभी जिया करो । ऐसा न कभी किया करो । ।[...]
सूरज महान है-एस.के.पूनमसूरज महान है-एस.के.पूनम
विद्या:-मनहरण घनाक्षरी व्योम,धरा प्रभा भरी,उष्णता से शीत डरी, दूर किया थरथरी,यही पहचान है। अश्व पर बैठ चले,संसार में ज्योत जले,[...]
आख़िर हूं मैं कहां-जयकृष्णा पासवानआख़िर हूं मैं कहां-जयकृष्णा पासवान
उड़ता है मन, परिंदों का आसमां । खिलता हुआ फूल, भंवरों का नग़मा।। ढुंढने चल पड़ा मैं, खुशियों का जहां।[...]
कर्म -वाणी-अमरनाथ त्रिवेदीकर्म -वाणी-अमरनाथ त्रिवेदी
जिस ओर हम पग धरें , सुकर्म सम्मत नीति से । फिर हार हो सकती नही , चाहे कोई भी[...]
सच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदीसच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदी
है पुरुष वही सच्चा जिसमे , पुरुषार्थ भरा हो तन – मन मे । जीवन जीता हो परहित में ,[...]
