धरती माँ की पुकार – सुरेश कुमार गौरव

धरती माँ की बेहद करुण कहानी, सुन लो हे मानव! मत करो नादानी। पेड़ कटे, नदियाँ सूखीं, ज़मीन हुई कम, हरियाली की आशा — झूठी दलील दिए तुम।। साँसें बोझिल,…

पृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठक

विषय – पृथ्वी दिवस छंद – कुण्डलिया पृथ्वी दिवस मनाइए, करिए सदा विचार। फैल रहे प्रदूषण का, करना कम रफ्तार।। करना कम रफ्तार, सदा बढ़ते हैं जाना। अधिक लगाकर पेड़,…

वन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरव

वन हैं जीवन की पहचान, इनसे धरती रहे महान। शुद्ध हवा औ’ निर्मल पानी, इनसे हरियाली मुस्कानी।। पंछी गाते मीठे स्वर गान, वन देते सबको वरदान। फल-फूलों की यह सौगात,…