द्विगुणित सुंदरी छंद आओं दीप जलाएं, सबको राह दिखाएं। सच करना सपनों को, आओं हम सिखलाएं।। देखो अनपढ़ कोई, भूल से बच न जाए, अक्षर की भाषा का, जीवन राग…
Category: padyapankaj
Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
धरती माँ की पुकार – सुरेश कुमार गौरव
धरती माँ की बेहद करुण कहानी, सुन लो हे मानव! मत करो नादानी। पेड़ कटे, नदियाँ सूखीं, ज़मीन हुई कम, हरियाली की आशा — झूठी दलील दिए तुम।। साँसें बोझिल,…
पृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठक
विषय – पृथ्वी दिवस छंद – कुण्डलिया पृथ्वी दिवस मनाइए, करिए सदा विचार। फैल रहे प्रदूषण का, करना कम रफ्तार।। करना कम रफ्तार, सदा बढ़ते हैं जाना। अधिक लगाकर पेड़,…
जीने का अधिकार – मनु कुमारी
(दोहा सृजन) सभी जीव को है यहां,जीने का अधिकार। हक उसका मत छीनिए ,करिये केवल प्यार।। बेटी को यूं कोख में, मत मारो तुम यार। ईश्वर की वह देन है,करो…
वन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरव
वन हैं जीवन की पहचान, इनसे धरती रहे महान। शुद्ध हवा औ’ निर्मल पानी, इनसे हरियाली मुस्कानी।। पंछी गाते मीठे स्वर गान, वन देते सबको वरदान। फल-फूलों की यह सौगात,…
आम आदमी का अंदाज – हरिपद छंद – राम किशोर पाठक
आम आदमी का अंदाज – हरिपद छंद आज आदमी आम हो गया, नहीं रहा कुछ खास। बदल रहे अंदाज सभी के, रहा नहीं विश्वास।। दोष रहा भर सबके मन में,…
मन अपना वासंती कर लें – अमरनाथ त्रिवेदी
सुभग संस्कार से रग रग भर दें । मन अपना वासंती कर लें । सुभग पवन के सरस हैं झोंके , कोई नहीं जो इनको रोके । विशद बड़ाई वसंत…
रंग बदलते चेहरे – अवनीश कुमार
मैं तेरे पास कोई मेरे जैसा शख्स ढूंढता हूं, तेरी अकड़ को ठिकाने लगता देखता हूं। तेरी मूंछों को ताव देने पर भी हौसले के साथ गिरते देखता हूं। तुझे…
निर्वाण दृश्य – अवनीश कुमार
अस्सी की अवस्था जब होने को आई बुद्ध ने संघ में निर्वाण की इच्छा जताई सुनते हीं संघ के बौद्ध भिक्षु बिलख- बिलख कर रो पड़े। शाल पेड़ की ओट…
Way of life – Ashish Kumar Pathak
The way of life an anchor for youngsters a road map to truthfulness an easy inspiration Truthful mirror, in this era of rampant greed widespread violence runaway consumption political anarchism…