Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

निपुण बिहार — एक संकल्प-अक्षय श्रीवास्तवनिपुण बिहार — एक संकल्प-अक्षय श्रीवास्तव

0 Comments 8:54 pm

निपुण बिहार — एक संकल्प चलो आज फिर एक दीप जलाएँ, हर बच्चे को आगे बढ़ाएँ। जिसके हाथ में कलम[...]

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जिंदगी क्या है?_ गिरीन्द्र मोहन झाजिंदगी क्या है?_ गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 8:01 pm

जिंदगी क्या है? ईश्वर में आस्था रखते हुए स्थितप्रज्ञ और आत्मभाव में स्थित होकर निरंतर कर्म करने का नाम है[...]

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जीवन की कहानी में सबका अपना अपना रोल – उमेश कुमार सिन्हाजीवन की कहानी में सबका अपना अपना रोल – उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 5:39 pm

जीवन की कहानी में सबका अपना-अपना रोल जीवन की कहानी में सबका अपना-अपना रोल है, जगह-जगह पर निकलता सु-स्वर का[...]

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Sita Ram Rai

चंपारण ने राह दिखाया – सीता राम रायचंपारण ने राह दिखाया – सीता राम राय

0 Comments 5:28 pm

चम्पारण ने राह दिखाया, गांधी को अपने घर लाया; शोषण की तस्वीर दिखाकर, सत्याग्रह का प्रयोग कराया। ‘तीनकठिया’ ने ख़ूब[...]

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Punam Kumari

मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ — पुनम कुमारीमद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ — पुनम कुमारी

0 Comments 4:57 pm

मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ, खामोशी में कुछ कहती हूँ। आँखों में सपनों की दुनियाँ, दिल में[...]

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Khushboo Kumari

मुझे मेरा बचपन लौटा दे – खुशबू कुमारीमुझे मेरा बचपन लौटा दे – खुशबू कुमारी

0 Comments 4:13 pm

मुझे मेरा बचपन लौटा दे ए गुजरा हुआ समय, मुझे मेरा बचपन लौटा दे। थक चुकी हूं जीवन से, मुझे[...]

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Nitu Rani

मीना की बच्चियां – नीतू रानीमीना की बच्चियां – नीतू रानी

0 Comments 1:01 pm

मीना की बच्चियांँ। मीना की बच्ची ने कर दी कमाल ड्रेस में आती स्कूल रीबन से बाँध के बाल समय[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

लालच की अंतहीन गर्त -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरलालच की अंतहीन गर्त -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 11:30 am

लालच की अंतहीन गर्त यह सूक्ष्म सुई के छेद जैसी, दिखती छोटी इक थैली है, पर इसके भीतर छिपी हुई,[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

दुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरदुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

1 Comment 8:45 pm

दुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अजब तमाशा, गजब ये मेला, दुनियां रंग-बिरंगी है, कहीं मखमली चादर ओढ़े, कहीं भयानक[...]

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