कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक सभी लोग हैं काँपते, सर्दी सबको खल रही। फैल गया है कोहरा, दृष्टि सभी की छल रही।। मुश्किल होता देखना, आस-पास…
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
नये साल कि ये नयी उम्मीदें – रवि कुमार
नये साल कि ये नयी उम्मीदें – रवि कुमार नए साल में नई उमंगे, फिर से रौशनी ले आए हैं। उम्मीदों कि ये किरणे, सपनों के बागों में फूल सजाये…
शहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठक
शहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठक जुल्म विरोधी हूँ, सत्य बताता हूँ। गीत शहादत का, आज सुनाता हूॅं।। शासक मुगलों के, किए अत्याचार थें। खत्म हुए कितने, सभ्य…
अटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारी
अटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारी धरा पर चमकता सितारा अंबर से ध्रुवतारा आया । वह पत्रकार, लेखक, कवि राष्ट्र का प्रणेता प्रेरणास्रोत कारगिल युद्ध विजेता है। परमाणु शक्ति प्रदाता…
यही वर दो हमें – सारिका छंद – राम किशोर पाठक
यही वर दो हमें – सारिका छंद – राम किशोर पाठक भगवान दया कर दान, यही वर दो हमें । विधि का समझूँ हर ज्ञान, यही वर दो हमें।। रचना…
अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक
अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक भव भय हारी, प्रभु अवतारी। जनहित कारी, अवध बिहारी।। जगत सताए, समझ न पाऊँ। हर-पल कैसे, सरस बनाऊँ।। नमन करूँ…
तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक
तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक तुलसी है वरदान, समझने आओ। इसके गुण पहचान, इसे अपनाओ।। तुलसी के अब संग, जोड़ लो नाता। औषध है हर अंग,…
बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक
बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक १११-१११-२ उपवन महके। खर खग चहके।। तन-मन बहके। बम शिव कहके।। पुलकित रहना। हिय निज महना।। अपयश दहना। सुख सब…
गणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठक
गणेश- कहमुकरी पेट बड़ा हर-पल दिखलाता। लड्डू झट-पट चट कर जाता।। मोहित करता सुनहरा केश। क्या सखि? साजन! न सखी! गणेश।।०१।। छोटे-छोटे काले नैना। हर लेते मेरे चित चैना।। देता…
शिक्षा और समाज – नीतू रानी
शिक्षा और समाज बिना शिक्षा के मिटै न अंधकार। शिक्षा से समाज का होता अधिक विकास, पढ़-लिखकर शिक्षित होंगे हमारे देश के सभी समाज। हमारे समाज में बच्चे, बूढ़े, नर-…