जी भर कर अभी खेल ना पाई सखियों के संग मैया। मेरे ब्याहने के खातिर तू बेच रही क्यों गैया।।[...]
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कर्म हमें ऐसा करना है- सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठककर्म हमें ऐसा करना है- सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठक
कर्म हमें ऐसा करना है- सरसी छंद गीत कर्म हमें ऐसा करना है, जिससे मिले सुकून। जीवन मूल्य लक्ष्य को[...]
प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
श्याम वंशीवाला सिर पे मुकुट मोर, गोपियों के चित्तचोर, होंठ लाले-लाल किये, खड़ा बंसी वाला है। कहते हैं ग्वाल-बाल, मित्र[...]
मैं ईर्ष्या हूँ – मोहम्मद आसिफ इकबालमैं ईर्ष्या हूँ – मोहम्मद आसिफ इकबाल
मैं ईर्ष्या हूँ, मैं ऐसा ही हूँ। मनुष्य के मन में वास करता हूँ, संबंधों का सत्यानाश करता हूँ। हाँ[...]
नशे में युवा पीढ़ी – बिंदु अग्रवालनशे में युवा पीढ़ी – बिंदु अग्रवाल
नशे के गर्त में डूब रही है, आज की युवा पीढ़ी। कर्णधार कहलाते देश के, विकास की है जो सीढ़ी।[...]
हे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठकहे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठक
हे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठक हे सखी! मुझे बतलाओ। कैसे रहूँ बिना साजन के, बैठी घर[...]
पगडंडी पर भागे ऐसे – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानपगडंडी पर भागे ऐसे – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
पगडंडी पर भागे ऐसे, बालक सुलभ सलोने हैं। नन्हीं-नन्हे साथ-साथ हैं, अनुभव नए पिरोने हैं। पगडंडी भी स्वागत करने, हरियाली[...]
संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठकसंविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक
संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक नीति नियम का ग्रंथ यही है, जिसके सन्मुख समरस रहते। देश चलाते हैं[...]
जिए जा रहा हूॅं- गजल राम किशोर पाठकजिए जा रहा हूॅं- गजल राम किशोर पाठक
१२२-१२२-१२२-१२२ उदासी छुपाकर जिए जा रहा हूँ। तभी तो लबों को सिए जा रहा हूँ।। निगाहें जिन्हें ढूँढती है[...]
जीवन में शिक्षा का स्थान – अमरनाथ त्रिवेदीजीवन में शिक्षा का स्थान – अमरनाथ त्रिवेदी
मन से न कभी भाग पाएँगे, सदा शिक्षा का अलख जगाएँगे। जीवन से शिक्षा का इतना नाता, इसके बगैर न[...]
