कैसे माँ भारती के दिव्य रूप को मैं दिवास्वप्न समझूँ कैसे ? इसके परम पूण्य प्रताप को मैं भला भूलूँ[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
मैं शिक्षक हूँ-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’मैं शिक्षक हूँ-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
मैं शिक्षक हूँ मैनें तो सूरज चाँद रचा, इस जीवन का सम्मान रचा, नव अंकुर नव कोपलों में, रच बस[...]
कुदरत-प्रीति कुमारीकुदरत-प्रीति कुमारी
कुदरत कुदरत तेरे रंग हजार, इस जीवन रूपी नैया का, है तू ही खेवनहार। कुदरत तेरे रंग हजार। कभी तू[...]
निर्वाण-मनोज कुमार दुबेनिर्वाण-मनोज कुमार दुबे
निर्वाण हे मातृभूमि वसुधा धरा वसुंधरा। अर्पित है तेरे चरण रज लोहित मेरा।। तू विभवशालिनी विश्वपालिनी दुःखहर्त्री है। भय निवारिणी[...]
इस माटी की शान बढ़ाएँ-दिलीप कुमार गुप्ताइस माटी की शान बढ़ाएँ-दिलीप कुमार गुप्ता
इस माटी की शान बढाएँ जलाकर स्वदेशी सुगंधित गुलाल लगाएँ पतंग उड़ाकर स्वदेशी स्वाभिमान का तिरंगा फहराएँ आओ! स्वदेशी अपनाएँ[...]
अच्छी आदत-भवानंद सिंहअच्छी आदत-भवानंद सिंह
अच्छी आदत आओ बच्चो तुम्हें बताएँ अच्छी आदत तुम्हें सिखाएँ, सुबह सबेरे उठना अच्छा सुनलो इसको सारे बच्चा। उठकर नित्यक्रिया[...]
गोरैया की आत्म व्यथा-अपराजिता कुमारीगोरैया की आत्म व्यथा-अपराजिता कुमारी
गौरैया की आत्मव्यथा मैं हूँ चुलबुली सी गौरैया स्थिर नहीं मैं रह पाती हूंँ, चहक चहक कर फुदक फुदक कर[...]
योग-नीभा सिंहयोग-नीभा सिंह
योग अगर स्वस्थ रहना है सबको, जीवन सफल बनाना सबको, तो योग करें भाई क्यों करें, अपने को निरोग करें।[...]
समय-जैनेन्द्र प्रसाद रविसमय-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
समय हवा शुद्ध है फिर भी हम, मास्क आज लगाते हैं। खाली सड़कें रहने पर भी, ड्राइव पर नहीं निकल[...]
अरमान-विजय सिंह “नीलकण्ठ”अरमान-विजय सिंह “नीलकण्ठ”
अरमान हम बच्चों का है अरमान सदा बढ़ाएँ अपना ज्ञान जो देते हैं गुरु महान जिनका हम करते सम्मान। हम[...]
