दूर होंगे कष्ट सारे, निरोग रहोगे प्यारे, रोज दिन कुछ देर कसरत करना। राम-राम भज कर, आलस को तज कर,[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
प्रकृति जीवन प्रभात- सुरेश कुमार गौरवप्रकृति जीवन प्रभात- सुरेश कुमार गौरव
हुआ सबेरा जाग उठा जीवन प्रभात! धरा की दूब पर मोती स्वरुप ओस हैं पड़े मंद-मंद वयार ताजगी के फूल[...]
जीवन एक कर्म बंधन- सुरेश कुमार गौरवजीवन एक कर्म बंधन- सुरेश कुमार गौरव
जीवन एक विश्वास रुपी है अनोखा बंधन, रक्त के तो कहीं बिना रक्त के कहलाते बंधन, हर्ष-विषाद,खट्टी-मीठी और अनोखी यादों[...]
सदा उपयोगी साईकिल- सुरेश कुमार गौरवसदा उपयोगी साईकिल- सुरेश कुमार गौरव
साईकिल की सवारी अब भी है खूब बड़ी न्यारी, चुस्त दुरुस्त रखती, प्रदूषण रहित है बड़ी प्यारी। जब पहली बार[...]
मिट्टी का खिलौना- जयकृष्णा पासवानमिट्टी का खिलौना- जयकृष्णा पासवान
मैं मिट्टी हूं मगर एक आकार का प्यासा हूँ। कोमल हाथों से एक आकृति प्रदान कर दीजिए।। मैं इस उपकार[...]
नवांकुर पौधा- सुरेश कुमार गौरवनवांकुर पौधा- सुरेश कुमार गौरव
नवांकुर पौधा इसके उपर रंग-बिरंगे सुंदर फूल खिले, बैठे खगों के सुंदर मीठे स्वर वातावरण में मिश्री घोले। कोंपल से[...]
मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद रोज दिन पल-पल, मौसम बदल रहा, सेंकने को मन करे, बैठ खिली धूप को। जो रहेंगे सावधान,[...]
गीतिका – सुधीर कुमारगीतिका – सुधीर कुमार
गीत छंद – गीतिका मात्रा — १४ २१२२ २१२२ , २१२२ २१२२ छोड़ दो तकरार सारे , प्रेम से कुछ[...]
हवा में वासंतिक महक- सुरेश कुमार गौरवहवा में वासंतिक महक- सुरेश कुमार गौरव
खिल उठते चहुंओर फूल, सुंदर महक पलाश के प्रकृति ने फगुई फाल्गुन को,खूब लाया तलाश के। प्रेम यौवन का मधुमास,[...]
हमारा मुल्क- जयकृष्णा पासवानहमारा मुल्क- जयकृष्णा पासवान
सोना था सोनाली कितनी, मुल्क हमारा परम निशान। देश में आकर बिखर गया, अंग्रेजी शासन का ऐलान।। सब भेदों से[...]
