भाई तुम उन्हीं को देना वोट, भाइयों, बहनों तुम अवश्य करना वोट, उन्हीं को देना वोट, जो करे विकास की बात-कार्य, सारी बुराईयों पर करे चोट, भाई तुम उन्हीं को…
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शरद पूर्णिमा – महामंगला छंद, राम किशोर पाठक
देखो आया शुभद, आज कई संयोग। रजनी लगती नवल, चकवा का हठयोग।। पूनम सुंदर धवल, लेकर आयी रूप। आज पूर्णिमा शरद, अंबर लगे अनूप।। सोम देव से किरण, छिटक रही…
कोजगराक गीत नीतू रानी “निवेदिता”
लक्ष्मी पूजा एवं कोजगरा की हार्दिक शुभकामनाएँ आप सबों को। विषय-गीत शीर्षक-कोजगरा। तर्ज-सावन का महीना पवन करे शोर। कोजगराक गीत नीतू रानी “निवेदिता” आसिनक के महीना लक्ष्मी पूजा के शोर…
बहती गंगा-सी पुण्यधार रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
पद्धरी छंद सम-मात्रिक छंद, 16 मात्राएँ आरंभ द्विकल से, पदांत Sl अनिवार्य। मां सिद्धिदायिनी दिव्य भाल। दिखते हैं सागर से विशाल।। कर अभ्यागत की पूर्ण आस। भर दें संस्कारित…
वंदनवार सजे शारदा – कुंडलिया छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
पेड़ लगा मां के नाम से, होंगे जग में नाम। उनके ही नेपथ्य में, पाना चिर विश्राम।। पाना चिर विश्राम, जगत में स्वर्ग मिलेगा। श्रम सुंदर तालाब के, पंक में…
देश हमारा -राम किशोर पाठक
देश हमारा हरपल आगे। भारत वासी जब-जब जागे।। आदर देते हम-सब आएँ। भारत माँ की जय-जय गाएँ।। देव यहीं भूतल पर आते। धन्य धरा को कर सब जाते।। भूतल है…
पेड़- गिरीन्द्र मोहन झा
पेड़ बीज को अंकुरित होने में भी लगता है संघर्ष, पौधे धीरे-धीरे बढ़कर हो जाते हैं पेड़, यह पतझड़-वसंत-ग्रीष्म-वृष्टि-शीत, सबको सहता है, सबका आनंद लेता है, उचित समय के अनुसार,…
हिंदी है अस्मिता हमारी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक
हिंदी है अस्मिता हमारी -प्रदीप छंद गीत मन के भावों को करती जो, सरल सहज गुणगान है। हिंदी है अस्मिता हमारी, इससे हर पहचान है।। दसों दिशाएँ गूँज रही है,…
हुई उत्पत्ति है हिंदी की – गीत – राम किशोर पाठक
हुई उत्पत्ति है हिंदी की – गीत शौरसेनी अपभ्रंश जिसे, अपनी तनुजा माने। हुई उत्पत्ति है हिंदी की, सुरवाणी से जाने।। उत्तर भारत में जन्म हुआ, जानी दुनिया सारी। भाषाएँ…
हिंदी हैं हम – आशीष कुमार पाठक
हिंदी हैं हम हिंदी हमारी वेदना हिंदी हमारी गान हिंदी हमारी आत्मा यह देश की हर तोतली आवाज हिंदी हमारी जान हमारी आन बान और शान मातृभूमि पर मर…