Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Ram Kishore Pathak

शहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठकशहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:28 pm

शहादत गीत- महा-शशिवदना छंद – राम किशोर पाठक जुल्म विरोधी हूँ, सत्य बताता हूँ। गीत शहादत का, आज सुनाता हूॅं।।[...]

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अटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारीअटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारी

0 Comments 11:23 pm

अटल तेरी कहानी – ब्यूटी कुमारी धरा पर चमकता सितारा अंबर से ध्रुवतारा आया । वह पत्रकार, लेखक, कवि राष्ट्र[...]

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Ram Kishore Pathak

अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठकअवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:10 pm

अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक भव भय हारी, प्रभु अवतारी। जनहित कारी, अवध बिहारी।। जगत[...]

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Ram Kishore Pathak

तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठकतुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:03 pm

तुलसी पूजन- हंसगति छंद गीत – राम किशोर पाठक तुलसी है वरदान, समझने आओ। इसके गुण पहचान, इसे अपनाओ।। तुलसी[...]

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Amarnath Trivedi

खुद ही राह बनाओ – अमरनाथ त्रिवेदीखुद ही राह बनाओ – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:51 am

जमाना    सुनता      सबकी   बातें , सोच  समझ   करता  निज    मन  की । बनेगी   पहचान  तो   तभी   उसे   ही  ,   निकलेगी बात  ज़ब  उसके  दिल  की । कदम – कदम   पर     मिलती    नसीहत   मिलते[...]

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Ram Kishore Pathak

हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक हिल-मिल जाइए-राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:23 pm

आज हुआ है तमस घनेरा, दीप जलाइए। फैलाकर उजियारा जग का, मित्र कहाइए।। स्वार्थ भावना को तजने से, खोते कुछ[...]

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Ram Kishore Pathak

आजमाने के लिए-राम किशोर पाठक आजमाने के लिए-राम किशोर पाठक 

0 Comments 6:44 pm

वक्त लोगों को बहुत है आजमाने के लिए। दाव सारे जानते हैं जो गिराने के लिए।। वक्त ने ऐसा सितम[...]

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Ram Kishore Pathak

गणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठकगणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:49 pm

गणेश- कहमुकरी पेट बड़ा हर-पल दिखलाता। लड्डू झट-पट चट कर जाता।। मोहित करता सुनहरा केश। क्या सखि? साजन! न सखी![...]

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