Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Ram Kishore Pathak

विद्युत प्रयोग -राम किशोर पाठकविद्युत प्रयोग -राम किशोर पाठक

0 Comments 12:40 pm

विद्युत का करना उपयोग। बच्चों परिजन के सहयोग।। सुविधा देता हमें अनेक। इसे न समझो पर तुम नेक।। भींगे हाथों[...]

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Jainendra

उमंग की सरिता-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’उमंग की सरिता-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 12:36 pm

बसंती बयार चली, खिल गई कली-कली, *कोयल की आ गई है, फिर तरुणाई है।* चिड़ियाँ चहक रही,  डालियाँ लचक रही, [...]

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Ram Kishore Pathak

बिकें किताबें तौलकर-राम किशोर पाठकबिकें किताबें तौलकर-राम किशोर पाठक

0 Comments 9:32 pm

बिकें किताबें तौलकर, कूड़े वाली भाव। देख साहित्य की दशा, मन में होती घाव।। पुस्तक हैं साहित्य के, लिए ज्ञान[...]

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रमजान – कुमारी रूपरानी रमजान – कुमारी रूपरानी 

0 Comments 9:28 pm

पाक महीना है रमजान। चलो करें आत्म शुद्धि पर ध्यान।। तरावीह की नमाज़ पढ़ कर। शुरू करो नेक और निश्चल[...]

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Nitu Rani

करो दाँतों की रक्षा-नीतू रानीकरो दाँतों की रक्षा-नीतू रानी

0 Comments 4:42 pm

दंत चिकित्सक दिवस मनाइए,  दाँत को चिकित्सक से दिखाइए। दंत दिवस में सभी कोई करना दाँतो की सफाई, ऐसा नहीं[...]

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मेरा संकल्प – मोहम्मद आसिफ इकबाल मेरा संकल्प – मोहम्मद आसिफ इकबाल 

0 Comments 6:34 pm

मैं सागर से भी गहरा हूँ तुम कितने पत्थर फेंकोगे ? चुन-चुनकर सारे पत्थर को मैं नई डगर बनाऊंगा, नित-नए[...]

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Nitu Rani

वन्यजीवों की सुनो पुकार-नीतू रानीवन्यजीवों की सुनो पुकार-नीतू रानी

0 Comments 6:31 pm

विश्व वन्यजीव दिवस मनाईए, सभी वन्यजीवों को मारने से बचाइए। वन्यजीव के लिए लगाइए पेड़, रहेंगे उसमें बंदर,हाथी ,चीता और[...]

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Ram Kishore Pathak

अनुपम है माँ की ममता-राम किशोर पाठकअनुपम है माँ की ममता-राम किशोर पाठक

0 Comments 7:31 pm

अनुपम है माँ की ममता। अद्भुत रखती तन्मयता।। अर्पित हर-पल रहती है। बच्चों का दुख हरती है।। चलना वह सिखलाती[...]

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Ram Kishore Pathak

माटी देश की शान- राम किशोर पाठक माटी देश की शान- राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:27 pm

शान माटी देश की। मान है परिवेश की।। भूख से यह त्राण दे। दिव्यता कल्याण दे।। है उगल सोना रही।[...]

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